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Auraiya News: किशोरों के यौन उत्पीड़न के दोषी को तीन साल की सजा
Tue, 14 Mar 2023 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:22 PM IST
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औरैया। विशेष न्यायधीश (पॉक्सो एक्ट) ने शहर के नाबालिग बच्चों को एक कमरे में बंदकर निर्वस्त्र करके यौन उत्पीड़न के दोषी को तीन वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
शहर के एक मोहल्ले निवासी पीड़ित ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह कक्षा आठ में पढ़ता है। 12 नवंबर 2014 को शाम साढ़े पांच बजे अपने दोस्त के साथ कोचिंग पढ़कर वापस घर आ रहा था। विजय बैंक के पास पहुंचने पर स्कूटर व साइकिल से आए तीन, चार लोगों ने दोनों को पकड़ कर पड़ोस के एक घर में बंद कर लिया। आरोपियों ने दोनों के कपड़े उतारकर मारपीट की। शोर मचाने पर जब पड़ोसी पहुंचे तो आरोपी तमंचा लहराते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। इसमें एक आरोपी शीपू सिंह के खिलाफ मारपीट, छेड़छाड़ व पॉक्सो की चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। यह मामला विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह की कोर्ट में चला। मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। इसमें अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) जितेन्द्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बहस की कि दोषी द्वारा नाबालिग बच्चों को निर्वस्त्र कर उनके साथ मारपीट की गई, तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस गंभीर अपराध के लिए आरोपी को कठोर दंड की बात कही। वहीं बचाव बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त 32 वर्षीय शादीशुदा व दो बच्चों का पिता है। इस लिए कम से कम दंड दिया जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायधीश मनराज सिंह ने दोषी शीपू सिंह को तीन वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न किए जाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त द्वारा अपराध में बिताई गई जेल की अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ितों को देने का भी निर्णय सुनाया है।
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शहर के एक मोहल्ले निवासी पीड़ित ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह कक्षा आठ में पढ़ता है। 12 नवंबर 2014 को शाम साढ़े पांच बजे अपने दोस्त के साथ कोचिंग पढ़कर वापस घर आ रहा था। विजय बैंक के पास पहुंचने पर स्कूटर व साइकिल से आए तीन, चार लोगों ने दोनों को पकड़ कर पड़ोस के एक घर में बंद कर लिया। आरोपियों ने दोनों के कपड़े उतारकर मारपीट की। शोर मचाने पर जब पड़ोसी पहुंचे तो आरोपी तमंचा लहराते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। इसमें एक आरोपी शीपू सिंह के खिलाफ मारपीट, छेड़छाड़ व पॉक्सो की चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। यह मामला विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह की कोर्ट में चला। मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। इसमें अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) जितेन्द्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बहस की कि दोषी द्वारा नाबालिग बच्चों को निर्वस्त्र कर उनके साथ मारपीट की गई, तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस गंभीर अपराध के लिए आरोपी को कठोर दंड की बात कही। वहीं बचाव बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त 32 वर्षीय शादीशुदा व दो बच्चों का पिता है। इस लिए कम से कम दंड दिया जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायधीश मनराज सिंह ने दोषी शीपू सिंह को तीन वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न किए जाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त द्वारा अपराध में बिताई गई जेल की अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ितों को देने का भी निर्णय सुनाया है।
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