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मकर संक्रांति आज, लगेगी आस्था की डुबकी

Fri, 15 Jan 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया Updated Fri, 15 Jan 2016 12:52 AM IST
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Makar Sankranti today , will dip of faith
मकर संक्रांति पर्व जिले में शुक्रवार 15 जनवरी को सूर्य की पहली किरण के साथ शुरू हो जाएगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु यमुना, सेंगुर नदी समेत अन्य पवित्र सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाएंगे। साथ ही तिल और गुड़ दान कर शांति एवं समृद्धि की कामना करेंगे।
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महिला और पुरुष क्या करें दान- औरैया। पंडित राम कुमार शास्त्री बताते हैं कि मकर संक्रांति पर किए गए दान का शुभ फल मिलता है। शुभ मुहूर्त में स्नान, दान व पुण्य के शुभ समय का विशेष महत्व है।
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इस पावन पर्व पर दान के रूप में गुड़, तेल, कंबल, फल, नई फसल की नई सब्जियां, छाता दान करने से जातकों को लाभ मिलता है। वहीं सुहागन महिलाएं मिट्टी के पात्र में मिट्टी की वस्तु, रेवड़ी, मटर, मूंगफली, पैसा, सुपारी, खिचड़ी आदि हल्दी, रोली व बिंदी रखकर पूजन करती हैं।
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कैसे करें दान- ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी व सरोवर में स्नान से पूर्व तिल के तेल की मालिश व तिल्ली का उबटन लगाकर स्नान करें।



सूर्यदेव का पूजन करें, उन्हें अर्घ्य दें। तांबे के कलश में तिल्ली भरकर गुड़ के साथ दान करें। सुहागिन महिलाएं सुहाग का सामान दान करें। गाय को गुड़ व घास खिलाने के बाद पानी अवश्य पिलाएं, ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। दान के समय अपने ईष्ट देव सूर्य भगवान को अवश्य याद करें।



शुरू हो जाएंगे शुभ कार्य- औरैया। मकर संक्रांति से मांगलिक कायों की शुरुआत हो जाती है। पंडित राम कुमार दुबे बताते हैं कि विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश समेत हर नए काम की शुरुआत, कीमती वस्तुओं का क्रय आदि का कार्य किया जा सकता है।


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मकर संक्रांति का महत्व
पंडित राम कुमार शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का अपना महत्व है। ऐसी मान्यता है कि शनिदेव अपने पुत्र से मिलने के लिए जाया करते थे। शनिदेव के मकर राशि का स्वामी होने के कारण इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। भीष्म पितामह ने मकर संक्रांतिं के दिन अपने देह का त्याग किया था।


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 मकर संक्रांति की गणना
औरैया। पंडित कौशल किशोर कहते हैं कि अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार मकर संक्रंाति का पर्व आज है, लेकिन ज्योतिषाचार्य चंद्र कलाओं को आधार बना तिथि व काल की गणना करते हैं, जिससे मकर संक्रांति की तिथि 15 जनवरी निकली है। इस दिन सूर्य का संक्रमण होता है। सूर्यदेव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे खिचड़ी का त्योहार कहते हैं। इस दिन से माघ का महीना प्रारंभ हो जाता है। इस दिन उड़द की खिचड़ी, रेवड़ी-मूंगफली खाने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है।
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