{"_id":"6519b1e9c4a82aaaa307ce44","slug":"looted-rs-30000-from-teacher-by-posing-as-sog-inspector-auraiya-news-c-211-1-aur1003-3571-2023-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: एसओजी का दरोगा बनकर शिक्षक से लूटे 30 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: एसओजी का दरोगा बनकर शिक्षक से लूटे 30 हजार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिधूना (औरैया)। एरवाकटरा के दीनपुर धर्मजीत निवासी शिक्षक के साथ तीन युवकों ने एसओजी टीम का दरोगा बनकर 30 हजार रुपये लूट लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के दीनपुर धर्मजीत निवासी ब्रह्मेश कुमार ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि वह वर्तमान में बिधूना कस्बे के वार्ड नंबर दो विकास नगर में रहते हैं। बीती 15 अगस्त की शाम चार बजे उसके पास एक फोन आया। जिसमें फोन करने वाले ने एसओजी का दरोगा बन उसका नाम लूट, मारपीट आदि मामले में दर्ज होना बताया। कहा कि यदि तुम अपनी नौकरी बचाना चाहते हो तो उससे तहसील के पास आकर मिलो। इस पर जब वह तहसील के पास गया तो वहां एक बिना नंबर की सफेद कार में तीन युवक बैठे थे। पास जाने पर आरोपी ने स्वयं को एसओजी टीम का दरोगा बता कर धमकी दी। नौकरी करनी है तो 50 हजार रुपये दो मैं तुम्हारा नाम मुकदमों से हटवा दूंगा।
आरोप है युवकों ने उसकी जेब में पड़े 30 हजार रुपये छीन लिए व बाकी 20 हजार रुपये फोन पे करने को कहा। आरोपियों ने उसके बैंक खाते में मौजूद एक हजार रुपये भी ट्रांसफर कर लिए थे। उसने जब नंबर की जानकारी की तो नंबर मकरा बराहर गांव के एक युवक का मिला। तहरीर मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को कार समेत पकड़ लिया।
विज्ञापन
युवक व शिक्षक के बीच कोई जमीन को विवाद है। उसी को लेकर यह मामला सामने आया है। मामले की जांच की जा रही जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी एसओजी का दरोगा नहीं है। - सत्य प्रकाश सिंह, कोतवाली प्रभारी
विज्ञापन
बिधूना (औरैया)। एरवाकटरा के दीनपुर धर्मजीत निवासी शिक्षक के साथ तीन युवकों ने एसओजी टीम का दरोगा बनकर 30 हजार रुपये लूट लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के दीनपुर धर्मजीत निवासी ब्रह्मेश कुमार ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि वह वर्तमान में बिधूना कस्बे के वार्ड नंबर दो विकास नगर में रहते हैं। बीती 15 अगस्त की शाम चार बजे उसके पास एक फोन आया। जिसमें फोन करने वाले ने एसओजी का दरोगा बन उसका नाम लूट, मारपीट आदि मामले में दर्ज होना बताया। कहा कि यदि तुम अपनी नौकरी बचाना चाहते हो तो उससे तहसील के पास आकर मिलो। इस पर जब वह तहसील के पास गया तो वहां एक बिना नंबर की सफेद कार में तीन युवक बैठे थे। पास जाने पर आरोपी ने स्वयं को एसओजी टीम का दरोगा बता कर धमकी दी। नौकरी करनी है तो 50 हजार रुपये दो मैं तुम्हारा नाम मुकदमों से हटवा दूंगा।
विज्ञापन
आरोप है युवकों ने उसकी जेब में पड़े 30 हजार रुपये छीन लिए व बाकी 20 हजार रुपये फोन पे करने को कहा। आरोपियों ने उसके बैंक खाते में मौजूद एक हजार रुपये भी ट्रांसफर कर लिए थे। उसने जब नंबर की जानकारी की तो नंबर मकरा बराहर गांव के एक युवक का मिला। तहरीर मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को कार समेत पकड़ लिया।
विज्ञापन
युवक व शिक्षक के बीच कोई जमीन को विवाद है। उसी को लेकर यह मामला सामने आया है। मामले की जांच की जा रही जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी एसओजी का दरोगा नहीं है। - सत्य प्रकाश सिंह, कोतवाली प्रभारी