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लॉकडाउन में नाबालिग बच्चे भुखमरी की कगार पर
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औरैया। लॉकडाउन से गांव नरोत्तमपुर के दो सगे भाई रंपत (12) और छोटू (9) के सामने पेट भरने की समस्या खड़ी हो गई है। रंपत और छोटू के मां और पिता की करीब एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
दोनों भाई सहालग व होटल में मेहनत मजदूरी करके पेट पाल रहे थे। लेकिन लॉकडाउन में उनके सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। पिछले दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने गरीब व असहायों के राशन वितरित किया था, तब इन बच्चों को भी राशन सामग्री मिल गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इन दोनों बच्चों को प्रशासनिक मदद के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।
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दोनों भाई सहालग व होटल में मेहनत मजदूरी करके पेट पाल रहे थे। लेकिन लॉकडाउन में उनके सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। पिछले दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने गरीब व असहायों के राशन वितरित किया था, तब इन बच्चों को भी राशन सामग्री मिल गई थी।
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ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इन दोनों बच्चों को प्रशासनिक मदद के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।