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अधिवक्ताओं ने की कलमबंद हड़ताल
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बिधूना। तहसील बार के अधिवक्ताओं ने सोमवार से कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी। इसके साथ तहसीलदार बिधूना से चल रहे विवाद का मामला और गरमा गया है। वकीलों का कहना है कि तहसील के पटलों पर काम के नाम पर वसूली की जा रही है। हड़ताल के कारण वादकारी मायूस लौट गए। इससे लगभग 10 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
बिधूना तहसील बार एसोसिएशन व तहसीलदार बिधूना के बीच कई महीनों से चले आ रहे विवाद के कारण रविवार को तहसील बार के अधिवक्ताओं ने बैठक की थी। इसमें सोमवार से शुक्रवार तक कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया था। सोमवार को तहसील बार के समस्त अधिवक्ता कलमबंद हड़ताल पर रहे। इसके कारण तहसील में स्टांप ब्रिकी और बैनामा के काम नहीं हुए। बिधूना तहसील में प्रतिदिन 40 से 50 बैनामा होते थे। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले वादकारी बैरंग लौट गए।
वर्जन
एडीएम रेखाएस चौहान ने बताया कि अधिवक्ताओं के साथ डीड राइटर्स भी हड़ताल पर हैं। यहां 17 को लाइसेंस दिए गए हैं। ये बैनामा आदि लिखने का कार्य करते हैं। इनकी वजह से वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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बिधूना तहसील बार एसोसिएशन व तहसीलदार बिधूना के बीच कई महीनों से चले आ रहे विवाद के कारण रविवार को तहसील बार के अधिवक्ताओं ने बैठक की थी। इसमें सोमवार से शुक्रवार तक कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया था। सोमवार को तहसील बार के समस्त अधिवक्ता कलमबंद हड़ताल पर रहे। इसके कारण तहसील में स्टांप ब्रिकी और बैनामा के काम नहीं हुए। बिधूना तहसील में प्रतिदिन 40 से 50 बैनामा होते थे। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले वादकारी बैरंग लौट गए।
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एडीएम रेखाएस चौहान ने बताया कि अधिवक्ताओं के साथ डीड राइटर्स भी हड़ताल पर हैं। यहां 17 को लाइसेंस दिए गए हैं। ये बैनामा आदि लिखने का कार्य करते हैं। इनकी वजह से वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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