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इलाज के अभाव में मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:18 PM IST
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शहर से जिला अस्पताल का दूसरी जगह शिफ्ट हो जाना एक मां-बाप के लिए दुख का कारण बन गया। इलाज के अभाव में शनिवार को उनके छह माह के बच्चे की जान चल गई।
अजीतमल विकासखंड के ग्राम भीखेपुर निवासी रामबाबू के छह माह के बच्चे की तबियत शनिवार सुबह अचानक खराब हो गई। बच्चे की हालत में सुधार न होने पर आरती अपने पति रामबाबू के साथ इटावा रोड स्थित पुराने अस्पताल में आए। यहां पर अस्पताल में ताला लटकते देख वह डाक्टर की तलाश में काफी देर इधर-उधर भटकते रहे।
इसी दौरान किसी ने रामबाबू को बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण तिवारी के आवास पर दिखाने की सलाह दी। जब रामबाबू बच्चे को डा. अरुण तिवारी को दिखाया तो उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत उसकी मां आरती रो-रोकर पुराने जिला अस्पताल गेट पर बदहवास होकर गिर गई।
परिजनों को रोते देख अस्पताल गेट पर भीड़ जमा हो गई। रो-रोकर आरती एक ही रट लगाए थी, काश आज जिला अस्पताल पुराने अस्पताल में होता तो उसके बच्चे की जान बच जाती। डा. अरूण तिवारी ने बताया कि जब उन्होंने बच्चे को देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी।
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अजीतमल विकासखंड के ग्राम भीखेपुर निवासी रामबाबू के छह माह के बच्चे की तबियत शनिवार सुबह अचानक खराब हो गई। बच्चे की हालत में सुधार न होने पर आरती अपने पति रामबाबू के साथ इटावा रोड स्थित पुराने अस्पताल में आए। यहां पर अस्पताल में ताला लटकते देख वह डाक्टर की तलाश में काफी देर इधर-उधर भटकते रहे।
इसी दौरान किसी ने रामबाबू को बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण तिवारी के आवास पर दिखाने की सलाह दी। जब रामबाबू बच्चे को डा. अरुण तिवारी को दिखाया तो उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत उसकी मां आरती रो-रोकर पुराने जिला अस्पताल गेट पर बदहवास होकर गिर गई।
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परिजनों को रोते देख अस्पताल गेट पर भीड़ जमा हो गई। रो-रोकर आरती एक ही रट लगाए थी, काश आज जिला अस्पताल पुराने अस्पताल में होता तो उसके बच्चे की जान बच जाती। डा. अरूण तिवारी ने बताया कि जब उन्होंने बच्चे को देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी।
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