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सपा के गढ़ में खिले कमल बने जिला पंचायत अध्यक्ष
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औरैया। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव शनिवार को गहमागहमी के बीच हुआ। कलक्ट्रेट में 23 जिला पंचायत सदस्यों में 22 के वोट पड़े। इनमें 13 मत भाजपा समर्थित प्रत्याशी कमल दोहरे के पक्ष में पड़े। जबकि सपा समर्थित रवि त्यागी को नौ वोट मिले। डीएम ने दोपहर तीन बजे के बाद कमल दोहरे को विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र दिया। सपा नेताओं ने प्रशासन पर सत्ता के इशारे पर मतदान कराने का आरोप लगा हंगामा किया।
सपा का गढ़ होने के कारण जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सपा ने सबसे ज्यादा 10 सीटें जीती थीं। जबकि भाजपा पांच सदस्य ही जीतकर आई थी। इसके बाद भी भाजपा ने सपा के गढ़ में कमल खिला दिया।
भाजपा प्रत्याशी कमल दोहरे ने 13 वोट पाकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया। सपा से भाग्यनगर जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र यादव का वोट न पड़ पाने के कारण सपा प्रत्याशी को नौ वोट ही मिल सके। सपाइयों ने मतदान के दौरान पक्षपात का आरोप लगाया। इस दौरान सांसद रामशंकर कठेरिया, जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा आदि भाजपा नेता मौजूद रहे।
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पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ मतदान
पूरी पारदर्शिता के मतदान कराया गया। हारने वाले लोग हमेशा आरोप प्रत्यारोप लगाते हैं। सपा से एक प्रत्याशी जिला बदर था। उसने कोर्ट से अनुमति ली होती तो उनका भी वोट डलवाया जाता। मतदान की प्रक्रिया पूरी कड़ी निगरानी में कैमरे के बीच की गई है। सभी के लिए नियम एक जैसे थे, किसी के साथ पक्षपात नहीं किया गया है। - सुनील कुमार वर्मा, डीएम
लोकतंत्र की हत्या
जनादेश का गला घोंट लोकतंत्र की हत्या की गई। संविधान को अलग रख कर मतदान कराया गया। पुलिस ने जिला पंचायत सदस्यों को पहले से प्रताड़ित किया। भाजपा की प्रशासन ने खुले आम मदद की है। सदस्यों की जगह पर उनके एजेंटों ने वोट डाले। प्रत्याशी ने विरोध किया तो उसे बंद कर दिया। जनता के विश्वास को तोड़ा गया है।- राजवीर सिंह, सपा जिलाध्यक्ष
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सपा का गढ़ होने के कारण जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सपा ने सबसे ज्यादा 10 सीटें जीती थीं। जबकि भाजपा पांच सदस्य ही जीतकर आई थी। इसके बाद भी भाजपा ने सपा के गढ़ में कमल खिला दिया।
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भाजपा प्रत्याशी कमल दोहरे ने 13 वोट पाकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया। सपा से भाग्यनगर जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र यादव का वोट न पड़ पाने के कारण सपा प्रत्याशी को नौ वोट ही मिल सके। सपाइयों ने मतदान के दौरान पक्षपात का आरोप लगाया। इस दौरान सांसद रामशंकर कठेरिया, जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा आदि भाजपा नेता मौजूद रहे।
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पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ मतदान
पूरी पारदर्शिता के मतदान कराया गया। हारने वाले लोग हमेशा आरोप प्रत्यारोप लगाते हैं। सपा से एक प्रत्याशी जिला बदर था। उसने कोर्ट से अनुमति ली होती तो उनका भी वोट डलवाया जाता। मतदान की प्रक्रिया पूरी कड़ी निगरानी में कैमरे के बीच की गई है। सभी के लिए नियम एक जैसे थे, किसी के साथ पक्षपात नहीं किया गया है। - सुनील कुमार वर्मा, डीएम
लोकतंत्र की हत्या
जनादेश का गला घोंट लोकतंत्र की हत्या की गई। संविधान को अलग रख कर मतदान कराया गया। पुलिस ने जिला पंचायत सदस्यों को पहले से प्रताड़ित किया। भाजपा की प्रशासन ने खुले आम मदद की है। सदस्यों की जगह पर उनके एजेंटों ने वोट डाले। प्रत्याशी ने विरोध किया तो उसे बंद कर दिया। जनता के विश्वास को तोड़ा गया है।- राजवीर सिंह, सपा जिलाध्यक्ष