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राशन कार्ड में यूनिट न चढ़ पाने से विभाग के चक्कर काट रहे कार्ड धारक
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औरैया। राशन कार्ड में छूटे परिवार के सदस्यों का नाम बढ़वाने के लिए उपभोक्ता विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। छह माह से भटक रहे है। आरोप है कि अधिकारी लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर टहला रहे हैं।
औरैया जिले में राशन कार्ड बनवाना तो आसान है, लेकिन उसमें नाम बढ़वाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। सोमवार को बिधूना ब्लॉक क्षेत्र से आई संगीता ने बताया कि परिवार में पति हकीम के साथ पांच और लोग हैं। उसका कार्ड दिसंबर में बन गया था, लेकिन परिवार के अन्य लोगों के नाम उसमें दर्ज नहीं हो सके थे। हकीम का कहना है कि यहां पर सुनने वाला कोई नहीं है। सुबह से आने के बाद शाम तक इंतजार करते रहो, दोबारा आने की बात कह टकरा देते हैं। दूसरा मामला औरैया ब्लॉक की रामवती का है, जिनके परिवार में उनके पति सुनील कुमार के साथ चार लोग और हैं। जिनका कार्ड में यूनिट के तौर पर नाम नहीं दर्ज हुआ है। सुनील का कहना है कि वह कई महीनों से चक्कर लगा रहा है लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। दोनों ही अपने कार्डों में यूनिट दर्ज कराने के लिए बीती जनवरी से चक्कर लगा रहे हैं। आरोप है कि पूर्ति विभाग के अधिकारी लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर उन्हें टरका रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी देवमणी मिश्रा ने बताया कि इस तरह के मामलों में लक्ष्य पूरा होने के कारण यूनिट नहीं दर्ज हो पर रहे हैं। सरकार द्वारा दिया गया लक्ष्य 79.56 प्रतिशत पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि दर्ज हो चुकीं यूनिट की अब छटनी की जाएगी। जिसके बाद ही नई यूनिट दर्ज की जा सकेंगी।
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औरैया जिले में राशन कार्ड बनवाना तो आसान है, लेकिन उसमें नाम बढ़वाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। सोमवार को बिधूना ब्लॉक क्षेत्र से आई संगीता ने बताया कि परिवार में पति हकीम के साथ पांच और लोग हैं। उसका कार्ड दिसंबर में बन गया था, लेकिन परिवार के अन्य लोगों के नाम उसमें दर्ज नहीं हो सके थे। हकीम का कहना है कि यहां पर सुनने वाला कोई नहीं है। सुबह से आने के बाद शाम तक इंतजार करते रहो, दोबारा आने की बात कह टकरा देते हैं। दूसरा मामला औरैया ब्लॉक की रामवती का है, जिनके परिवार में उनके पति सुनील कुमार के साथ चार लोग और हैं। जिनका कार्ड में यूनिट के तौर पर नाम नहीं दर्ज हुआ है। सुनील का कहना है कि वह कई महीनों से चक्कर लगा रहा है लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। दोनों ही अपने कार्डों में यूनिट दर्ज कराने के लिए बीती जनवरी से चक्कर लगा रहे हैं। आरोप है कि पूर्ति विभाग के अधिकारी लक्ष्य पूरा होने की बात कहकर उन्हें टरका रहे हैं।
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जिला पूर्ति अधिकारी देवमणी मिश्रा ने बताया कि इस तरह के मामलों में लक्ष्य पूरा होने के कारण यूनिट नहीं दर्ज हो पर रहे हैं। सरकार द्वारा दिया गया लक्ष्य 79.56 प्रतिशत पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि दर्ज हो चुकीं यूनिट की अब छटनी की जाएगी। जिसके बाद ही नई यूनिट दर्ज की जा सकेंगी।
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