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खेतों की डिमांड पूरी कर उपज बढ़ाएं किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Thu, 22 Jan 2015 12:16 AM IST
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औरैया महोत्सव में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों की डिमांड के अनुसार खाद, बीज, कीटनाशक दवाई का प्रयोग करके फसलों का उत्पादन बढ़ाए जाने पर जोर दिया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्वाइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर ने मक्का प्रोत्साहन योजना के तहत जिले 10 किसानों को हैदराबाद की कंपनी द्वारा प्रदत्त निशुल्क मक्का बीज प्रदान किया।
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किसान सम्मेलन की शुरूआत संयुक्त निदेशक कृषि कानपुर मंडल कानपुर आरएस तोमर ने उद्घाटन संबोधन में किसानों को प्रमाणित बीजों के प्रयोग करने पर जोर दिया।
सम्मेलन में कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के कृषि विशेषज्ञ डा.एसके सिंह ने किसानों को रबी, फसली चक्र की सरसों, गेहूं, मटर आदि फसलों के उत्पादन बढ़ाए जाने हेतु विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़े तापमान बाद में कोहरे और बारिश से किसानों की दलहन, सरसों, चना आदि फसलाें पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों को उक्त फसलों के साथ खेतों में अनचाहे खरपतवार को नष्ट करने की विधि से अवगत कराया।
कहा कि यूरिया के अत्यधिक प्रयोग से किसानों की गेहूं की फसल पीली पड़ रही है। किसान अपने खेत में गेहूं में फूल आने से पहले 25 से 30 किलो पर बीघा के अनुसार यूरिया का प्रयोग करे।
कृषि विशेषज्ञ डा. विकास कुमार ने पशु पालन से जुड़े किसानों को कृत्रिम गर्भाधान के बारे में बताते हुए कहा कि गर्भाधान कराते समय किसान सीमंस की नस्ल की अच्छी तरह से तस्दीक कर लें।
वहीं किसान मेले में संयुक्त निदेशक श्री तोमर ने नूजीबीडू कंपनी के स्टाल पर जनपद के दस मक्का किसानों को मल्लिका 920 प्रजाति के मक्का बीज प्रदान कर जिले में मक्का प्रोत्साहन योजना की शुरूआत की।
किसान सम्मेलन में प्रश्नोत्तरी में डीडी कृषि डा. बनारसी यादव की ओर से पूछे गए कृषि सवालों का सही बताने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
इसके अलावा अच्छा उत्पादन करने वाले किसानों को दीवाल घड़ी, बेस्ट पशु पालक को बाल्टी, पशु पालन क्षेत्र के द्वितीय विजेता को दूध की कैन, तृतीय को कैरी टिफिन व किसान मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी पशु पालक व किसान को गिलास व कटोरी सांत्वना पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी शिवराज यादव, सीवीओ एके कुलश्रेष्ठ, डीएचओ सुघर सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी एनएम दिवाकर सहित विभिन्न विभागाें के अधिकारी मौजूद रहे।