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अस्पताल की खिड़की से नवजात को फेंका, मौत
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औरैया। जिले के 100 शैया अस्पताल में दिल दहलाने वाली एक घटना सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा होने पर आई एक महिला ने शौचालय में नवजात को जन्म दिया। इसके कुछ देर बाद उसे खिड़की से बाहर फेंक दिया। निगाह पड़ने पर कर्मचारियों ने नवजात को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। वहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला का पुलिस की निगरानी में अस्पताल में उपचार चल रहा है। महिला ने नवजात को अपना मानने से इनकार किया है।
जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एक नवजात खून से लथपथ पड़ा मिला। नर्स श्यामलता की नजर नवजात पर पड़ी तो उसने सहकर्मियों, सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव और सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव को सूचना दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने फौरन नवजात को अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। वहां पर कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की सूचना पर वह अस्पताल पहुंचीं। वहां पर एक महिला वार्ड के बाहर खून से लथपथ बेसुध बैठी मिली। महिला ने बताया कि उसकी ससुराल इटावा में है। वह वर्तमान में फफूंद में रह रही है। सीएमओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला ने अस्पताल के शौचालय में नवजात को जन्म दिया। उसके बाद शौचालय की खिड़की से ही उसे फेंक दिया। शौचालय व खिड़की में खून के निशान मिले हैं।
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घटना की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। सीओ सुरेंद्र नाथ ने बताया कि नवजात का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। नवजात और महिला का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। ताकि उसके माता-पिता का पता चल सके।
मां के साथ पहुंची थी महिला, बदल-बदल कर बताए नाम
नवजात को अस्पताल के शौचालय की खिड़की से फेंके जाने की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारियों को वार्ड के बाहर एक महिला खून से लथपथ बैठी मिली। बच्चा इसी महिला का होने के शक पर उससे पूछताछ शुरू की गई। उसने तीन बार डॉक्टरों व अधिकारियों को अपना नाम गलत बताया। पुलिस के पहुंचने पर उसने सही नाम व पता बताया।
पति से चल रहा विवाद
महिला का दो वर्ष से पति से विवाद चल रहा है। इस कारण वह ससुराल से अलग फफूंद में रह रही है। इधर, लोकलाज के चलते महिला के नवजात को फेंके जाने की चर्चा रही।
हकीकत जांचने के लिए होगा डीएनए टेस्ट
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि महिला ने कभी बच्चा अपना होने तो कभी न होने की बात कही है। उसने कई बार अपना बयान बदला है। मामले की हकीकत जांचने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस को कार्रवाई के लिए जानकारी दी गई है।
गैरकानूनी गर्भपात कराने की रही चर्चा
अस्पताल परिसर मौजूद तीमारदार और मरीजों में चर्चा रही कि कर्मचारियों की साठगांठ से अस्पताल में गैरकानूनी गर्भपात किए जा रहे हैं। लोगों ने अनुमान लगाया कि महिला अस्पताल कर्मियों से बात करने के बाद ही अस्पताल पहुंची, लेकिन मामला अन्य मरीजों के संज्ञान में आने पर पकड़ा गया।
वीडियो वायरल करने पर धमकाया
अस्पताल में नवजात के फेंके जाने और शौचालय की खिड़की में लगे खून को देख एक मरीज के तीमारदार ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस पर वहां तैनात डॉक्टरों व कर्मचारियों ने उसे डांटा और कार्रवाई की बात कही। इस पर वह अपनी बेटी की अस्पताल से छुट्टी करा कर घर चला गया।
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जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एक नवजात खून से लथपथ पड़ा मिला। नर्स श्यामलता की नजर नवजात पर पड़ी तो उसने सहकर्मियों, सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव और सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव को सूचना दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने फौरन नवजात को अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। वहां पर कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
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सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की सूचना पर वह अस्पताल पहुंचीं। वहां पर एक महिला वार्ड के बाहर खून से लथपथ बेसुध बैठी मिली। महिला ने बताया कि उसकी ससुराल इटावा में है। वह वर्तमान में फफूंद में रह रही है। सीएमओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला ने अस्पताल के शौचालय में नवजात को जन्म दिया। उसके बाद शौचालय की खिड़की से ही उसे फेंक दिया। शौचालय व खिड़की में खून के निशान मिले हैं।
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घटना की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। सीओ सुरेंद्र नाथ ने बताया कि नवजात का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। नवजात और महिला का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। ताकि उसके माता-पिता का पता चल सके।
मां के साथ पहुंची थी महिला, बदल-बदल कर बताए नाम
नवजात को अस्पताल के शौचालय की खिड़की से फेंके जाने की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारियों को वार्ड के बाहर एक महिला खून से लथपथ बैठी मिली। बच्चा इसी महिला का होने के शक पर उससे पूछताछ शुरू की गई। उसने तीन बार डॉक्टरों व अधिकारियों को अपना नाम गलत बताया। पुलिस के पहुंचने पर उसने सही नाम व पता बताया।
पति से चल रहा विवाद
महिला का दो वर्ष से पति से विवाद चल रहा है। इस कारण वह ससुराल से अलग फफूंद में रह रही है। इधर, लोकलाज के चलते महिला के नवजात को फेंके जाने की चर्चा रही।
हकीकत जांचने के लिए होगा डीएनए टेस्ट
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि महिला ने कभी बच्चा अपना होने तो कभी न होने की बात कही है। उसने कई बार अपना बयान बदला है। मामले की हकीकत जांचने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस को कार्रवाई के लिए जानकारी दी गई है।
गैरकानूनी गर्भपात कराने की रही चर्चा
अस्पताल परिसर मौजूद तीमारदार और मरीजों में चर्चा रही कि कर्मचारियों की साठगांठ से अस्पताल में गैरकानूनी गर्भपात किए जा रहे हैं। लोगों ने अनुमान लगाया कि महिला अस्पताल कर्मियों से बात करने के बाद ही अस्पताल पहुंची, लेकिन मामला अन्य मरीजों के संज्ञान में आने पर पकड़ा गया।
वीडियो वायरल करने पर धमकाया
अस्पताल में नवजात के फेंके जाने और शौचालय की खिड़की में लगे खून को देख एक मरीज के तीमारदार ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस पर वहां तैनात डॉक्टरों व कर्मचारियों ने उसे डांटा और कार्रवाई की बात कही। इस पर वह अपनी बेटी की अस्पताल से छुट्टी करा कर घर चला गया।