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बारिश में गोशालाओं में भरा पानी, गोवंशों का बुरा हाल
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औरैया। अचानक बदले मौसम और शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश के बाद गोशालाओं का बुरा हाल देखने को मिला। ज्यादातर गोशालाओं में ठंड और बारिश से गोवंशों को बचाने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं दिखे। मवेशी बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे ठिठुरते नजर आए। शिखरना की गोशाला में एक गोवंश की मौत हो गई, जबकि सात बीमार हैं। हर तरफ कीचड़ भी फैला दिखा।
गोशालाओं में व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के प्रयास हवा हवाई साबित हो रहे हैं। ठंड से गोवंशों का पहले ही बुरा हाल था, शुक्रवार रात बारिश होने से हालात और बिगड़ गए। शिखरना गोशाला में बीमार एक गोवंश की मौत हो गई। जबकि सात गोवंश बीमार पड़े मिले। जिन्हें ठंड से बचाने के लिए सेवादारों ने तिरपाल ढक रखा था। करचला गोशाला में भी यही स्थिति दिखी। बारिश में भीग कर गोवंश ठिठुरते नजर आए।
परिसर में गंदगी और कीचड़ नजर आया। कई गोवंश बीमार पड़े कराहते नजर आए। बिधूना के किशोरगंज स्थित गोशाला में टिनशेड की नीचे कीचड़ होने के गोवंश परिसर में बारिश से भीगते व ठिठुरते नजर आए। यहां पर चारे की नाद खाली थी। गोशालाओं की सुध न लिए जाने से सेवादार और संचालक भी हाथ खड़े कर रहे हैं।
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पांच माह नहीं मिला मानदेय
औरैया ब्लाक की शिखरना गोशाला में 400 के करीब गोवंश हैं। यहां पर इनकी सेवा के लिए नौ सेवादार तैनात हैं। जिसमें सात दिन में दो रात में रहते हैं। शनिवार को मौके पर मिले सेवादार कमला देवी, रामराज, अतेंद्र, मोहित, उदय सिंह, गोविंद, राकेश, सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें पांच माह से मानदेय नहीं दिया गया है। इसके बाद भी जैसे तैसे वह व्यवस्था चला रहे हैं।
कहीं तिरपाल फटे तो कहीं टिनशेड टूटे
तेज हवा और बारिश के चलते गोशालाओं में लगे तिरपाल और टिनशेड जर्जर दिखे। शिखरना में तिरपाल फटे नजर आए। यहां पर हवा से बचाव के लिए लगे तिरपाल फटे होने से गोवंश ठिठुरते दिखे। कमोवेश यही स्थिति बिधूना, सहायल क्षेत्र की गोशालाओं में भी दिखी। अधिकारी अब अव्यवस्था को लेकर जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं।
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गोशालाओं में व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के प्रयास हवा हवाई साबित हो रहे हैं। ठंड से गोवंशों का पहले ही बुरा हाल था, शुक्रवार रात बारिश होने से हालात और बिगड़ गए। शिखरना गोशाला में बीमार एक गोवंश की मौत हो गई। जबकि सात गोवंश बीमार पड़े मिले। जिन्हें ठंड से बचाने के लिए सेवादारों ने तिरपाल ढक रखा था। करचला गोशाला में भी यही स्थिति दिखी। बारिश में भीग कर गोवंश ठिठुरते नजर आए।
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परिसर में गंदगी और कीचड़ नजर आया। कई गोवंश बीमार पड़े कराहते नजर आए। बिधूना के किशोरगंज स्थित गोशाला में टिनशेड की नीचे कीचड़ होने के गोवंश परिसर में बारिश से भीगते व ठिठुरते नजर आए। यहां पर चारे की नाद खाली थी। गोशालाओं की सुध न लिए जाने से सेवादार और संचालक भी हाथ खड़े कर रहे हैं।
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पांच माह नहीं मिला मानदेय
औरैया ब्लाक की शिखरना गोशाला में 400 के करीब गोवंश हैं। यहां पर इनकी सेवा के लिए नौ सेवादार तैनात हैं। जिसमें सात दिन में दो रात में रहते हैं। शनिवार को मौके पर मिले सेवादार कमला देवी, रामराज, अतेंद्र, मोहित, उदय सिंह, गोविंद, राकेश, सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें पांच माह से मानदेय नहीं दिया गया है। इसके बाद भी जैसे तैसे वह व्यवस्था चला रहे हैं।
कहीं तिरपाल फटे तो कहीं टिनशेड टूटे
तेज हवा और बारिश के चलते गोशालाओं में लगे तिरपाल और टिनशेड जर्जर दिखे। शिखरना में तिरपाल फटे नजर आए। यहां पर हवा से बचाव के लिए लगे तिरपाल फटे होने से गोवंश ठिठुरते दिखे। कमोवेश यही स्थिति बिधूना, सहायल क्षेत्र की गोशालाओं में भी दिखी। अधिकारी अब अव्यवस्था को लेकर जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं।