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यमुना में पानी की बढ़त जारी
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Fri, 24 Jul 2015 12:52 AM IST
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कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते यमुना में पानी की बढ़त जारी है। बाढ़ से निपटने को दम भर रहा प्रशासन तैयारियां पूरी होने की बात तो कह रहा है, लेकिन अभी तक तहसीलों में ही आपदा राहत की सामग्री डंप पड़ी हुई है।
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वहीं संभावित बाढग़्रस्त इलाकों में चयनित किए गए शरणस्थलों पर अभी तक कोई भी इंतजाम दूर-दूर तक नहीं दिखाई दिए। गुरुवार को सदर तहसील प्रशासन से चयनित बाढ़ शरणस्थलों का जब अमर उजाला टीम ने जायजा लिया तो हालात कुछ इस तरह से नजर आए।
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संभावित बाढ़ग़्रस्त की सूची में दर्ज ग्राम क्योंटरा का जब टीम ने पड़ताल की तो यहां चयनित बाढ़ शरणस्थल आत्माराम इंटर कालेज में किसी प्रकार का इंतजाम नजर नहीं आया। प्रभारी प्रधानाचार्य अनिल सेंगर ने बताया कि अभी तक उनके पास कालेज को बाढ़ नियंत्रण शरणस्थल बनाने की कोई सूचना नहीं है।
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जिले में यमुना किनारे का सबसे अंतिम गांव भदौरा में बनाए गए शरणस्थल प्राथमिक विद्यालय भदौरा में सन्नाटा पसरा हुआ था, यहां टीम को कोई भी मौजूद नहीं मिला। न ही शरणस्थल के रूप के कोई इंतजाम दिखाई दिए।
बाढ़ग़्रस्त संभावित क्षेत्र मढ़ापुर में यमुना किनारे बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया तो यहां पर चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। गांव की ऊंचाई यमुना तट से 40 फुट ऊंची होने के कारण ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर कुछ ज्यादा भय नहीं दिखाई दे रहा था।
वहीं किसी भी स्थिति से निपटने को गांव के निचले क्षेत्र में मल्लाह अपनी नावों के संग मौजूद दिखाई दिए।
हालांकि प्रशासन की तैयारियों के बारे में पूछने पर ग्राम प्रधान अरविंद तिवारी ने बताया कि गांव में चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं है। तहसील प्रशासन से उन्हें अभी तक कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं कराई गई है। बाढ़ की स्थिति में चिकित्सा की जरूरत पड़ने पर यहां से सात किलोमीटर दूर औरैया की दौड़ लगानी पड़ेगी।