{"_id":"615f367a8ebc3edae237dfdd","slug":"health-dengu-auraiya-auraiya-news-knp656793588","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही परिवार के चार लोगों समेत छह को डेंगू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही परिवार के चार लोगों समेत छह को डेंगू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। जिले में डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी डेंगू मरीजों की संख्या थम नहीं रही। गुरुवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत छह नए डेंगू मरीज मिले। इधर जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जहां सात मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं पांच गांवों में लोगों के बीमार होने पर स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं। जहां तीन घरों में लार्वा मिलने पर नोटिस दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया गुरुवार सुबह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से सैंपलों की रिपोर्ट आई। जिसमें ऐरवाकुईली में 70 वर्षीय वृद्धा, उमरैन ऐरवाकटरा में 19 वर्षीय युवती, खोयला दिबियापुर में 47 वर्षीय महिला, 25 वर्षीय युवक, पांच वर्षीय बालक, 10 वर्षीय किशोर को डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 38 पहुंच गई है। जिसमें सक्रिय मरीजों की संख्या अब 18 है, जो कानपुर व सैफई अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि मरीज के परिजनों और मिलने वालों के अलावा क्षेत्र के बीमार लोगों की जांच करें। साथ ही डेंगू के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे।
ऐसे करें डेेंगू से बचाव
- घरों में कूलर, फ्रिज व गमले आदि में पानी न भरा रहने दें।
- डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है। दिन के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- जहां पानी की निकासी संभव न हो वहां ठहरे पानी में तेल की कुछ बूंद डाल दें।
एक जुलाई से अब तक की रिपोर्ट
3690 लोगों की मलेरिया की जांच की गई। जिसमें मलेरिया के 26 रोगी पाए गए हैं। वहीं डेंगू की जांच के लिए लक्षण वाले 959 लोगों की जांच की गई। जिसमें अब तक 38 डेंगू के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य टीमों ने कुल 13 हजार 715 बुखार से ग्रस्त मरीजों की जांच की।
विज्ञापन
इन गांवों में पहुंची टीमें
गुरुवार को खोयला दिबियापुर, बहादुरपुर, रसूलपुर, ऐरवाकुईली, उमरैन में स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं। टीमों ने 335 मरीजों का उपचार किया। इस दौरान डेंगू के लक्षण वाले 60 मरीजों के सैंपल लिए गए। मरीजों को परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाएं दी गईं। इधर टीमों ने गांव में घर-घर जाकर लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक किया और बचाव के उपाय भी बताए। साथ ही लार्वा की तलाश की। जिसमें ऐरवाईली में तीन घरों में कूलर, छत पर पड़े कबाड़ में भरे पानी में लार्वा पाया। जिन्हें नोटिस देकर चेतावनी दी गई कि यदि वह सफाई के प्रति लापरवाही बरतते हैं या दोबारा उनके यहां लार्वा पाया जाता है तो उनके खिलाफ जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया गुरुवार सुबह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से सैंपलों की रिपोर्ट आई। जिसमें ऐरवाकुईली में 70 वर्षीय वृद्धा, उमरैन ऐरवाकटरा में 19 वर्षीय युवती, खोयला दिबियापुर में 47 वर्षीय महिला, 25 वर्षीय युवक, पांच वर्षीय बालक, 10 वर्षीय किशोर को डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 38 पहुंच गई है। जिसमें सक्रिय मरीजों की संख्या अब 18 है, जो कानपुर व सैफई अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि मरीज के परिजनों और मिलने वालों के अलावा क्षेत्र के बीमार लोगों की जांच करें। साथ ही डेंगू के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे।
विज्ञापन
ऐसे करें डेेंगू से बचाव
- घरों में कूलर, फ्रिज व गमले आदि में पानी न भरा रहने दें।
- डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है। दिन के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- जहां पानी की निकासी संभव न हो वहां ठहरे पानी में तेल की कुछ बूंद डाल दें।
एक जुलाई से अब तक की रिपोर्ट
3690 लोगों की मलेरिया की जांच की गई। जिसमें मलेरिया के 26 रोगी पाए गए हैं। वहीं डेंगू की जांच के लिए लक्षण वाले 959 लोगों की जांच की गई। जिसमें अब तक 38 डेंगू के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य टीमों ने कुल 13 हजार 715 बुखार से ग्रस्त मरीजों की जांच की।
विज्ञापन
इन गांवों में पहुंची टीमें
गुरुवार को खोयला दिबियापुर, बहादुरपुर, रसूलपुर, ऐरवाकुईली, उमरैन में स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं। टीमों ने 335 मरीजों का उपचार किया। इस दौरान डेंगू के लक्षण वाले 60 मरीजों के सैंपल लिए गए। मरीजों को परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाएं दी गईं। इधर टीमों ने गांव में घर-घर जाकर लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक किया और बचाव के उपाय भी बताए। साथ ही लार्वा की तलाश की। जिसमें ऐरवाईली में तीन घरों में कूलर, छत पर पड़े कबाड़ में भरे पानी में लार्वा पाया। जिन्हें नोटिस देकर चेतावनी दी गई कि यदि वह सफाई के प्रति लापरवाही बरतते हैं या दोबारा उनके यहां लार्वा पाया जाता है तो उनके खिलाफ जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी।