फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   health

प्रदूषण से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ी

Thu, 07 Nov 2019 12:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 12:45 AM IST
विज्ञापन
health
औरैया। प्रदूषण और धुंध का कहर बुधवार को थमा सा नजर आया। पर उसका असर अभी लोग महसूस कर रहे हैं। जिला अस्पताल में धुंध से होने वाली तकलीफ के मरीजों की भीड़ बढ़ी है। नाक, कान, गला और खांसी से पीड़ित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में आए 550 में से दो सौ मरीज धुंध से प्रभावित की रही। डॉक्टरों ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें प्रदूषण से बचने के उपाय बताए। साथ ही गंदगी से होने वाली बीमारियों के बारे में भी जागरूक किया।
विज्ञापन

प्रदूषण और गहरा धुंध रविवार की शाम से शुरू हुआ और मंगलवार की शाम तक इसका असर बना रहा। इससे शहर का हर शख्स परेशान रहा। इस दौरान लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस की। बुधवार की सुबह धुंध का प्रकोप थमा सा दिखा। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार धुंध कम होने का मुख्य कारण हवाओं की गति का बढ़ना और पश्चिमी इलाकों में हुई बारिश रही।
विज्ञापन

बुधवार को भले ही धुंध देखने को नहीं मिली है, लेकिन इसका प्रभाव लोगों पर जरूर रहा है। सुबह से देर तक खुले में घूमने वालों को आंखों में जलन का अहसास हुआ। गांव तुर्कीपुर से अस्पताल पहुंची सनैना ने बताया कि दो दिनों से खासी की समस्या हुई है। खांसी ठीक न होने पर अस्पताल आने को मजबूर होना पड़ा है। बताया कि उसके साथ आई एक अन्य को भी खांसी और बुखार की समस्या हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अस्पताल में धुंध से प्रभावित मरीजों की भीड़ ज्यादा रही। ओपीडी में दोपहर एक बजे तक आने वाले मरीजों की संख्या 550 तक पहुंच चुकी थी। डॉक्टरों के मुताबिक प्रदूषण से ग्रस्त मरीजों की संख्या दो सौ के करीब रही। जिला अस्पताल के डॉ. अमित पोरवाल और डॉ. मोहित गहोई ने बताया कि प्रदूषण से नाक, कान और गले में परेशानी ज्यादा हो रही है। ध्वनि और वायु प्रदूषण कानों को कमजोर कर रहा है।

डॉ. अमित पोरवाल ने बताया कि कान के रोगियों की संख्या प्रदूषण की धुंध छाने से पहले भी देखने को मिली थी, जो अचानक बढ़ी है। वहीं, सांस के रोगियों की संख्या भी इधर बढ़ी है। कई रोगियों की नब्ज तेज चलती मिली, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती दिखी। बताया कि वायु प्रदूषण के कारण कानों की बीमारियां और सुनने की क्षमता कम होने के लोग शिकार हो रहे है। धुंध के चलते लोगों के शरीर में भी खुजली, दाग जैसी बीमारियां पैदा हुई है। यह अधिक समय से धुंध में रहने वालों को देखने को मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed