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औरैयाः अल्ट्रासाउंड मशीन संचालन का मिला लाइसेंस
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10 जुलाई को प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। शहर के 50 शैया अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन करने का विभाग को लाइसेंस मिल गया है। अब यूपीएस आने के बाद मशीन को मरीजों के लिए चालू कर दिया जाएगा। बता दें कि आठ वर्ष से अस्पताल में यह सुविधा बंद थी।
शहर के लोगों को अब अल्ट्रासाउंड कराने के लिए प्राइवेट सेंटरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि 50 शैया अस्पताल में ही अब अल्ट्रासाउंड की सुविधा आम मरीजों व गर्भवतियों को मिलेगी। अस्पताल को अल्ट्रासाउंड का संचालन के लिए प्यारी बिटिया पोर्टल से लाइसेंस मिल गया है। अल्ट्रासाउंड से संबंधित खबरें अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कीं। स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारियों ने खबरों को संज्ञान में लेकर मशीन को चालू करने की प्रक्रिया तेज की।
अस्पताल को पांच साल तक अल्ट्रासाउंड का संचालन करने का लाइसेंस मिल गया है। ज्ञात हो कि जनवरी माह में तैनात सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता को निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन बंद मिली थी। तब उन्होंनेे मशीन सही कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अल्ट्रासाउंड मशीन सही कराई गई।
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मशीन के सही होने पर 12 मार्च को पहले दिन सीएमएस व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रत्नाकर व डॉ. अमितेश की मौजूदगी में 10 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हुआ। कुछ दिन तक सब कुछ सही चलने के बाद रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज गायब होने की जानकारी पर अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन बंद करना पड़ा था।
सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि यूपीएस के आने के बाद मशीन का संचालन किया जाएगा, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस पांच साल तक का है। पांच साल बाद लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा।
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शहर के लोगों को अब अल्ट्रासाउंड कराने के लिए प्राइवेट सेंटरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि 50 शैया अस्पताल में ही अब अल्ट्रासाउंड की सुविधा आम मरीजों व गर्भवतियों को मिलेगी। अस्पताल को अल्ट्रासाउंड का संचालन के लिए प्यारी बिटिया पोर्टल से लाइसेंस मिल गया है। अल्ट्रासाउंड से संबंधित खबरें अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कीं। स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारियों ने खबरों को संज्ञान में लेकर मशीन को चालू करने की प्रक्रिया तेज की।
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अस्पताल को पांच साल तक अल्ट्रासाउंड का संचालन करने का लाइसेंस मिल गया है। ज्ञात हो कि जनवरी माह में तैनात सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता को निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन बंद मिली थी। तब उन्होंनेे मशीन सही कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अल्ट्रासाउंड मशीन सही कराई गई।
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मशीन के सही होने पर 12 मार्च को पहले दिन सीएमएस व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रत्नाकर व डॉ. अमितेश की मौजूदगी में 10 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हुआ। कुछ दिन तक सब कुछ सही चलने के बाद रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज गायब होने की जानकारी पर अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन बंद करना पड़ा था।
सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि यूपीएस के आने के बाद मशीन का संचालन किया जाएगा, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस पांच साल तक का है। पांच साल बाद लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा।

11 जून को प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA

जल्द खुलेगा अल्ट्रासाउंड कक्ष पर लगा ताला। संवाद- फोटो : AURAIYA