{"_id":"69c821d1ab460ca85702b2a4","slug":"gangsters-top-10-criminal-confesses-to-crime-sentenced-to-two-years-in-prison-auraiya-news-c-211-1-aur1009-142087-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: गैंगस्टर के टॉप-10 अपराधी ने कबूला जुर्म, दो वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: गैंगस्टर के टॉप-10 अपराधी ने कबूला जुर्म, दो वर्ष की सजा
Sun, 29 Mar 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
औरैया। कोतवाली बिधूना क्षेत्र के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल गैंगस्टर संजीव कुमार ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अतीक उद्दीन की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। बाद में उसे दो साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी के अनुसार कोतवाली बिधूना पुलिस ने गांव चकरपुर निवासी संजीव कुमार यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच मई 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को सुनवाई के दौरान जेल में निरुद्ध संजीव कुमार ने कोर्ट में जुर्म इकबाल प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उसने गरीबी की हवाला देते हुए कोर्ट से गुहार लगाई।
दोषी को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे 15 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अब तक की अवधि को उसकी मुख्य सजा में समायोजित किया जाएगा। इस निर्णय के बाद दोषी को करीब डेढ़ माह में जेल से रिहाई की स्थिति बन गई है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अतीक उद्दीन की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। बाद में उसे दो साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी के अनुसार कोतवाली बिधूना पुलिस ने गांव चकरपुर निवासी संजीव कुमार यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच मई 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को सुनवाई के दौरान जेल में निरुद्ध संजीव कुमार ने कोर्ट में जुर्म इकबाल प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उसने गरीबी की हवाला देते हुए कोर्ट से गुहार लगाई।
विज्ञापन
दोषी को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे 15 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अब तक की अवधि को उसकी मुख्य सजा में समायोजित किया जाएगा। इस निर्णय के बाद दोषी को करीब डेढ़ माह में जेल से रिहाई की स्थिति बन गई है। (संवाद)
विज्ञापन