फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Fraudulent lease for 30.93 acres of land registered in the name of Nehru Vidyalaya cancelled.

Auraiya News: नेहरू विद्यालय के नाम दर्ज 30.93 एकड़ जमीन का फर्जी पट्टा निरस्त

Mon, 05 Oct 2026 12:04 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 12:04 AM IST
विज्ञापन
Fraudulent lease for 30.93 acres of land registered in the name of Nehru Vidyalaya cancelled.
औरैया। बिधूना तहसील क्षेत्र के कैथावा गांव में ग्राम सभा की करीब 50 बीघा बेशकीमती जमीन के पट्टे के लिए चल रहे विवाद में उप संचालक चकबंदी कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नेहरू स्मारक विद्यालय कैथावा के नाम दर्ज 30.93 एकड़ जमीन के पट्टे को फर्जी मानते हुए निरस्त कर दिया है। साथ ही जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज रहने के आदेश दिए हैं। इससे पहले बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) कोर्ट भी इस पट्टे को निरस्त कर वर्ष 2023 में जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश दे चुका था। एसओसी के आदेश के खिलाफ स्कूल प्रबंधक मंजू सिंह ने उप संचालक चकबंदी कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।
विज्ञापन

कैथावा गांव में गाटा संख्या 759/5 के कुल नौ हिस्सों वाली 30.93 एकड़ जमीन ग्राम सभा की बहुमूल्य संपत्ति है। यह जमीन नेहरू स्मारक विद्यालय कैथावा के नाम पट्टे के तौर पर दर्ज थी। विद्यालय की प्रबंधक व भाजपा नेत्री मंजू सिंह ने उप संचालक चकबंदी कोर्ट में दावा किया था कि नौ नवंबर 1966 को तत्कालीन ग्राम प्रधान ने यह जमीन स्कूल प्रबंधन को पट्टे पर दी थी।
विज्ञापन

पट्टे से संबंधित कागजात के आधार पर वर्ष 2007 में तत्कालीन चकबंदी अधिकारी ने जमीन नेहरू स्मारक विद्यालय के प्रबंधक के नाम दर्ज कर दी थी। ग्राम सभा की ओर से पट्टा आवंटन का विरोध किया गया था। इसके बाद ग्राम सभा की अपील पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कोर्ट ने सुनवाई की और वर्ष 2023 में जमीन को ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश देते हुए फर्जी पट्टा आवंटन को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसओसी कोर्ट के आदेश के विरोध में स्कूल प्रबंधक मंजू सिंह ने उप संचालक चकबंदी कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तहसीलदार बिधूना की जांच आख्या तलब की। तहसीलदार की रिपोर्ट में बताया गया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय बिधूना में जमीन के आवंटन का इकरारनामा दर्ज दिख रहा है, लेकिन नेहरू स्मारक विद्यालय के नाम इस आवंटन से संबंधित मूल पत्रावली कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। आवंटन की मूल पत्रावली उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पट्टे को फर्जी पाया गया। इसके बाद उप संचालक चकबंदी कोर्ट ने नेहरू स्मारक विद्यालय कैथावा के नाम हुए 30.93 एकड़ के पट्टे को फर्जी मानते हुए उसे निरस्त कर दिया। कोर्ट ने जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज रहने के आदेश दिए हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) ने भी अदालत में ग्राम सभा की ओर से पुख्ता पैरवी की। उन्होंने पक्ष रखते हुए कहा कि ग्राम सभा को किसी भी प्राइवेट शिक्षण संस्थान को भूमि आवंटित करने का विधिक अधिकार नहीं था। जमींदारी विनाश व भूमि व्यवस्था अधिनियम के तहत केवल माध्यमिक शिक्षा परिषद, शिक्षा निदेशक या किसी विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त और कृषि व पशुपालन अनुसंधान से जुड़ी संस्थाओं को ही भूमि आवंटित की जा सकती है। ऐसे में संबंधित जमीन का आवंटन फर्जी था।
कैथावा स्थित नेहरू स्मारक विद्यालय की प्रबंधक मंजू सिंह भाजपा नेत्री हैं। जानकारों के मुताबिक पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बिधूना सीट से दावेदारी भी की थी। इस बार भी राजनीतिक गलियारों में उनकी दावेदारी की चर्चा है। इससे पहले उनके परिवार के गजेंद्र सिंह सेंगर बिधूना क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं।

वर्जन---
दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया गया है। स्कूल प्रबंधक की निगरानी याचिका को खारिज कर दिया गया है।-नीरज प्रसाद, एडीएम न्यायिक (उप संचालक चकबंदी)
स्कूल प्रबंधन की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्टाफ से वार्ता की जाएगी। मामले में फिर से अपील करुंगी। -मंजू सिंह, प्रबंधक नेहरू स्मारक विद्यालय कैथावा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed