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Auraiya News: 16 साल के अंदर जिले में चार दोषियों को हुई फांसी की सजा
Thu, 29 Jun 2023 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:42 AM IST
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औरैया। प्रदेश सरकार की ओर से 17 सितंबर 1997 को औरैया जिले का सृजन किया गया था। तब से लेकर आज तक पिछले 16 सालों में विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलग-अलग मामले के तीन दोषियों को फांसी की सजा दी जा चुकी है। बुधवार को दुष्कर्म व हत्या के चौथे मामले में कोर्ट ने एक और दोषी को फांसी की सजा से दंडित किया।
औरैया जिले में बढ़े अपराध के ग्राफ पर समय-समय पर कोर्ट के सख्त रुख का भी असर दिखाई दिया है। जिसमें हत्या, दुष्कर्म जैसे मामलों में जिला बनने के बाद से अब तक चार आरोपियों को मृत्युदंड की सजा दी जा चुकी है। इन प्रकरणों को अंजाम तक पहुंचाने में शासकीय अधिवक्ताओं के साथ-साथ संबंधित थाना पुलिस की भी अहम भूमिका शामिल रही है। जिसमें समय रहते साक्ष्य संकलन कर कोर्ट में आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत करने पर ही कोर्ट के कड़े आदेश के चलते दंडित हो सके हैं।
ये हैं अब तक के फांसी के चार प्रकरण
सीन - 1
फफूंद थाना क्षेत्र में 2005 में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल की थी। जिसमें लगभग दो साल तक सुनवाई चली थी। इसमें 2007 में सुनवाई पूरी होने पर तत्कालीन एडीजे फास्ट ट्रैक एससी मिश्रा ने आरोपी को तिहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा से दंडित किया था।
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सीन - 2
ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र के एरवाटीकुर में वर्ष 2014 में एकतरफा प्यार में युवक ने किशोरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने चार अप्रैल 2019 को घटना के दोषी को फांसी की सजा से दंडित किया था। एरवाटीकुर निवासी अजय कुमार को 10 अक्तूबर 2014 को एकतरफा प्यार के चलते राम प्रताप अवस्थी की 14 वर्षीय पुत्री निशा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसमें कोर्ट ने चार साल, पांच माह और 14 दिन चली सुनवाई के बाद दोषी अजय कुमार को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया था।
सीन - 3
बिधूना कोतवाली क्षेत्र में 20 अक्तूबर 2021 को तीन वर्षीय अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म करने की घटना में पुलिस ने आरोपी प्रेम नरेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने कोर्ट में 11 माह की सुनवाई के बाद दोषी धनबाली बिधूना निवासी प्रेम नरेश को 14 फरवरी 2023 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही दोषी पर पांच लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया था।
सीन - 4
अयाना थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने गौतम सिंह को दोषी ठहराया। जिसमें कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी को 28 जून को फांसी व पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। यह घटना 24 मार्च को हुई थी। जिसमें पुलिस ने दोषी गौतम को 25 मार्च को गिरफ्तार किया था।
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औरैया जिले में बढ़े अपराध के ग्राफ पर समय-समय पर कोर्ट के सख्त रुख का भी असर दिखाई दिया है। जिसमें हत्या, दुष्कर्म जैसे मामलों में जिला बनने के बाद से अब तक चार आरोपियों को मृत्युदंड की सजा दी जा चुकी है। इन प्रकरणों को अंजाम तक पहुंचाने में शासकीय अधिवक्ताओं के साथ-साथ संबंधित थाना पुलिस की भी अहम भूमिका शामिल रही है। जिसमें समय रहते साक्ष्य संकलन कर कोर्ट में आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत करने पर ही कोर्ट के कड़े आदेश के चलते दंडित हो सके हैं।
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ये हैं अब तक के फांसी के चार प्रकरण
सीन - 1
फफूंद थाना क्षेत्र में 2005 में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल की थी। जिसमें लगभग दो साल तक सुनवाई चली थी। इसमें 2007 में सुनवाई पूरी होने पर तत्कालीन एडीजे फास्ट ट्रैक एससी मिश्रा ने आरोपी को तिहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा से दंडित किया था।
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सीन - 2
ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र के एरवाटीकुर में वर्ष 2014 में एकतरफा प्यार में युवक ने किशोरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने चार अप्रैल 2019 को घटना के दोषी को फांसी की सजा से दंडित किया था। एरवाटीकुर निवासी अजय कुमार को 10 अक्तूबर 2014 को एकतरफा प्यार के चलते राम प्रताप अवस्थी की 14 वर्षीय पुत्री निशा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसमें कोर्ट ने चार साल, पांच माह और 14 दिन चली सुनवाई के बाद दोषी अजय कुमार को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया था।
सीन - 3
बिधूना कोतवाली क्षेत्र में 20 अक्तूबर 2021 को तीन वर्षीय अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म करने की घटना में पुलिस ने आरोपी प्रेम नरेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने कोर्ट में 11 माह की सुनवाई के बाद दोषी धनबाली बिधूना निवासी प्रेम नरेश को 14 फरवरी 2023 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही दोषी पर पांच लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया था।
सीन - 4
अयाना थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने गौतम सिंह को दोषी ठहराया। जिसमें कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी को 28 जून को फांसी व पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। यह घटना 24 मार्च को हुई थी। जिसमें पुलिस ने दोषी गौतम को 25 मार्च को गिरफ्तार किया था।