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Auraiya News: ट्रैक बाधित होने पर दो इंजीनियर, ठेकेदार समेत चार गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। ओएचई मास्ट फाउंडेशन बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से सोमवार को दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर एक बड़ा हादसा टल गया। रेल ट्रैक किनारे ट्रैक्टर पलटने से लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैक बाधित रहा। वंदे भारत और आगरा लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनें 15 मिनट खड़ीं रहीं। आरपीएफ ने दो इंजीनियरों, एक ठेकेदार व ट्रैक्टर चालक समेत चार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सोमवार की सुबह पौने आठ बजे अछल्दा और इटावा जिले के भरथना रेलवे स्टेशन के बीच घसारा हाल्ट पर रेल ट्रैक किनारे गिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली दिल्ली हावड़ा रेल ट्रैक किनारे पलट गई थी। इससे डाउन रेल ट्रैक पर रेल यातायात ठप हो गया था। आनन फानन मौके पर पहुंचे आरपीएफ एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने ट्रैक्टर ट्राॅली को रेल ट्रैक के पास से हटावाया था। लगभग सवा नौ बजे रेल ट्रैक बहाल हो पाया था। लेकिन इस बीच वंदे भारत एवं आगरा लखनऊ इंटरसिटी लगभग 15 मिनट तक खड़ीं रहीं थीं।
वंदे भारत जैसी नान स्टाप ट्रेन रुकने से खासा खलबली मच गई थी। इस मामले में रेलवे के विभिन्न विभागों एवं आरपीएफ ने जांच की। जांच में घसारा हाल्ट पर ओएचई मास्ट फाउंडेशन का कार्य करवा रही संस्था एमएसआईपीएस के अधिकारियों को दोषी माना गया। आरपीएफ थाना प्रभारी रजनीश राय के अनुसार कंपनी द्वारा साइट पर कार्य करने के लिए नियमों का अनुपालन नहीं किया गया। मजदूरों द्वारा बिना कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजर के आदेश पर कार्य किया गया।
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मैटेरियल साइट पर शिफ्ट करवाया जा रहा था एवं ट्रैक्टर ट्राॅली को मानक दूरी का उल्लंघन करके ट्रैक के नजदीक लाया गया। ट्रैक्टर ट्राॅली गड्ढे के पास निकलते समय पलट गई थी। ट्रैक के किनारे ट्रैक्टर आ जाने व ट्रॉली पलटने से जानबूझकर यात्रियों को खतरा उत्पन्न किया गया। इस मामले में कंपनी के सेफ्टी सुपरवाइजर बिहार के गांव रुकबारा, कर्जा जिला मुजफ्फरपुर निवासी मनीष ठाकुर, साइट सुपरवाइजर हरियाणा के सरोला थाना माछरोली जिला झज्जर निवासी सुभाष, ट्रैक्टर व मजदूरों के ठेकेदार कन्नौज जिला के गांव रामपुरा छिबरामऊ निवासी धर्मेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
जबकि मौके से भागे ट्रैक्टर चालक फर्रुखाबाद निवासी महेंद्र को बुधवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ थाना प्रभारी रजनीश राय के अनुसार सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है।
एक साल पहले नानस्टाप ट्रेन हादसे का शिकार होते बाल बाल बची थी
लगभग सवा साल पहले केंझरी रेलवे क्राॅसिंग के पास रेल ट्रैक के किनारे पहुंचे एक ट्रैक्टर से टकराकर नई दिल्ली से गुवाहाटी जा रही नान स्टाप ट्रेन हादसे का शिकार होने से बाल बाल बच गई थी। इस घटना में ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए थे। तेज धमाका होने के बाद ट्रेन के चालक ने कुछ दूरी पर ट्रेन रोक दी थी। तकरीबन एक घंटे की मशक्कत के बाद बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर को हटाकर रेल यातायात बहाल किया जा सका था। यह घटना नौ मई 2022 को घटित हुई थी। रेल अधिकारियों का मानना है कि यदि समय पर रेल अधिकारियों को सूचना नहीं मिलती तो रेल ट्रैक के किनारे ट्रैक्टर ट्राली पलटने से कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
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दिबियापुर। ओएचई मास्ट फाउंडेशन बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से सोमवार को दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर एक बड़ा हादसा टल गया। रेल ट्रैक किनारे ट्रैक्टर पलटने से लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैक बाधित रहा। वंदे भारत और आगरा लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनें 15 मिनट खड़ीं रहीं। आरपीएफ ने दो इंजीनियरों, एक ठेकेदार व ट्रैक्टर चालक समेत चार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सोमवार की सुबह पौने आठ बजे अछल्दा और इटावा जिले के भरथना रेलवे स्टेशन के बीच घसारा हाल्ट पर रेल ट्रैक किनारे गिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली दिल्ली हावड़ा रेल ट्रैक किनारे पलट गई थी। इससे डाउन रेल ट्रैक पर रेल यातायात ठप हो गया था। आनन फानन मौके पर पहुंचे आरपीएफ एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने ट्रैक्टर ट्राॅली को रेल ट्रैक के पास से हटावाया था। लगभग सवा नौ बजे रेल ट्रैक बहाल हो पाया था। लेकिन इस बीच वंदे भारत एवं आगरा लखनऊ इंटरसिटी लगभग 15 मिनट तक खड़ीं रहीं थीं।
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वंदे भारत जैसी नान स्टाप ट्रेन रुकने से खासा खलबली मच गई थी। इस मामले में रेलवे के विभिन्न विभागों एवं आरपीएफ ने जांच की। जांच में घसारा हाल्ट पर ओएचई मास्ट फाउंडेशन का कार्य करवा रही संस्था एमएसआईपीएस के अधिकारियों को दोषी माना गया। आरपीएफ थाना प्रभारी रजनीश राय के अनुसार कंपनी द्वारा साइट पर कार्य करने के लिए नियमों का अनुपालन नहीं किया गया। मजदूरों द्वारा बिना कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजर के आदेश पर कार्य किया गया।
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मैटेरियल साइट पर शिफ्ट करवाया जा रहा था एवं ट्रैक्टर ट्राॅली को मानक दूरी का उल्लंघन करके ट्रैक के नजदीक लाया गया। ट्रैक्टर ट्राॅली गड्ढे के पास निकलते समय पलट गई थी। ट्रैक के किनारे ट्रैक्टर आ जाने व ट्रॉली पलटने से जानबूझकर यात्रियों को खतरा उत्पन्न किया गया। इस मामले में कंपनी के सेफ्टी सुपरवाइजर बिहार के गांव रुकबारा, कर्जा जिला मुजफ्फरपुर निवासी मनीष ठाकुर, साइट सुपरवाइजर हरियाणा के सरोला थाना माछरोली जिला झज्जर निवासी सुभाष, ट्रैक्टर व मजदूरों के ठेकेदार कन्नौज जिला के गांव रामपुरा छिबरामऊ निवासी धर्मेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
जबकि मौके से भागे ट्रैक्टर चालक फर्रुखाबाद निवासी महेंद्र को बुधवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ थाना प्रभारी रजनीश राय के अनुसार सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है।
एक साल पहले नानस्टाप ट्रेन हादसे का शिकार होते बाल बाल बची थी
लगभग सवा साल पहले केंझरी रेलवे क्राॅसिंग के पास रेल ट्रैक के किनारे पहुंचे एक ट्रैक्टर से टकराकर नई दिल्ली से गुवाहाटी जा रही नान स्टाप ट्रेन हादसे का शिकार होने से बाल बाल बच गई थी। इस घटना में ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए थे। तेज धमाका होने के बाद ट्रेन के चालक ने कुछ दूरी पर ट्रेन रोक दी थी। तकरीबन एक घंटे की मशक्कत के बाद बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर को हटाकर रेल यातायात बहाल किया जा सका था। यह घटना नौ मई 2022 को घटित हुई थी। रेल अधिकारियों का मानना है कि यदि समय पर रेल अधिकारियों को सूचना नहीं मिलती तो रेल ट्रैक के किनारे ट्रैक्टर ट्राली पलटने से कोई बड़ा हादसा हो सकता था।