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उपेक्षा का शिकार हो रहे पूर्व सैनिक
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Sun, 28 Feb 2016 10:57 PM IST
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शरदोत्सव प्रदर्शनी में रविवार को आयोजित सम्मेलन में पूर्व सैनिकों ने अपनी समस्याएं रखी। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाले शूरवीरों को रिटायर्ड होने के बाद सरकार की ओर से उपेक्षा के सिवाए कुछ नहीं मिल रह है। यह देश और प्रदेश की सरकारों के लिए शर्म का विषय है। कार्यक्रम के दौरान शहीद जवानों की पत्नियों को सम्मानित किया गया।
इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विंग कमांडर राजेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि जब तक हम सीमा की सुरक्षा में तैनात रहते हैं सरकार हम लोगों का ध्यान रखती हैं। लेकिन रिटायर्ड होने के बाद अपना हक लेने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। उन्होंने देश और प्रदेश की सरकाराें के साथ जिला प्रशासन से पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने की अपील की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि लालजी शुक्ला ने कहा कि पूर्व सैनिकों को देखकर उन्हें भी एक जोश का अहसास होता है।
विशिष्ट अतिथि रिटायर्ड कैप्टन हृदय नारायण ने कहा कि उनके चारों पुत्र देश की सेवा में हैं। इनमें से एक पुत्र 1997 में शहीद हो गया। इसके बावजूद भी हौसले में कोई कमी नहीं है। उन्होंने लड़कियों से देश सेवा में आगे आने की अपील की। कैप्टन निर्भय सिंह गुर्जर ने कहा कि जिले में चार हजार पंजीकृत सैनिक हैं। इसके बावजूद पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की अलग से कोई व्यवस्था नहीं है।
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दैनिक जरूरतों के सामान के लिए कैंटीन न होने के कारण बाजार दर पर सामान खरीदना पड़ता है। प्रदेश सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सैनिकों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वह सदैव उनके साथ हैं।
कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका इंटर कालेज की छात्रा सविता ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वहीं नगर पालिका परिषद के छात्रों ने एक नाटक के माध्यम से शहीद के जोश व उसकी व्यथा को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर सीओ सिटी सुभाष अत्री, एसकेएस चौहान के अलावा कार्यक्रम संयोजक डा. रघुनंदन निषाद, शिवेंद्र कुमार दुबे, राजवीर पाल, विक्रम सिंह निषाद, प्रेम नारायण मिश्र, चेतराम निषाद आदि शामिल रहे।
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इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विंग कमांडर राजेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि जब तक हम सीमा की सुरक्षा में तैनात रहते हैं सरकार हम लोगों का ध्यान रखती हैं। लेकिन रिटायर्ड होने के बाद अपना हक लेने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। उन्होंने देश और प्रदेश की सरकाराें के साथ जिला प्रशासन से पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने की अपील की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि लालजी शुक्ला ने कहा कि पूर्व सैनिकों को देखकर उन्हें भी एक जोश का अहसास होता है।
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विशिष्ट अतिथि रिटायर्ड कैप्टन हृदय नारायण ने कहा कि उनके चारों पुत्र देश की सेवा में हैं। इनमें से एक पुत्र 1997 में शहीद हो गया। इसके बावजूद भी हौसले में कोई कमी नहीं है। उन्होंने लड़कियों से देश सेवा में आगे आने की अपील की। कैप्टन निर्भय सिंह गुर्जर ने कहा कि जिले में चार हजार पंजीकृत सैनिक हैं। इसके बावजूद पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की अलग से कोई व्यवस्था नहीं है।
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दैनिक जरूरतों के सामान के लिए कैंटीन न होने के कारण बाजार दर पर सामान खरीदना पड़ता है। प्रदेश सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सैनिकों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वह सदैव उनके साथ हैं।
कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका इंटर कालेज की छात्रा सविता ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वहीं नगर पालिका परिषद के छात्रों ने एक नाटक के माध्यम से शहीद के जोश व उसकी व्यथा को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर सीओ सिटी सुभाष अत्री, एसकेएस चौहान के अलावा कार्यक्रम संयोजक डा. रघुनंदन निषाद, शिवेंद्र कुमार दुबे, राजवीर पाल, विक्रम सिंह निषाद, प्रेम नारायण मिश्र, चेतराम निषाद आदि शामिल रहे।