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दुकानों से मुक्त कराए पांच बाल मजदूर
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Thu, 19 May 2016 12:28 AM IST
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46 बाल मज़दूर जयपुर फैक्ट्री से रिहा
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी और एसडीएम ने कस्बे में अभियान चलाकर दुकानों से पांच बाल मजदूरों को मुक्त कराया। सभी को बाल कल्याण समिति को सौंपा गया। दुकान मालिकों पर बालश्रम के तहत कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी से कस्बे की दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसके मिश्रा और एसडीएम अजीतमल राजेंद्र प्रसाद तिवारी तथा नायब तहसीलदार संध्या शर्मा ने पुलिस टीम के साथ दुकानों में छापेमारी की। इस पर दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भागने लगे। टीम ने दुकानों से पांच बाल मजदूरों को पकड़ लिया। मुक्त कराए गए पांच मजदूरों का जिला अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया गया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि छापामारी कर आरिफ सर्विस सेंटर से दो बालक अमन (8) तथा समीर (9) और मनीष ऑटो गैरज इस्लामनगर से आसिफ (13) तथा साकिफ (10), पप्पू आटो सेंटर बाबरपुर से प्रशांत (10) को मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि पांचों बाल मजदूरों को बाल कल्याण समिति ककोर को सौंप दिया गया है। जहां से उक्त बालकों के परिजनों को बुलाकर दोबारा मजदूरी न करने की हिदायत देकर सौंपा जाएगा। वहीं दुकानदारों के खिलाफ बाल मजदूर अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसके मिश्रा और एसडीएम अजीतमल राजेंद्र प्रसाद तिवारी तथा नायब तहसीलदार संध्या शर्मा ने पुलिस टीम के साथ दुकानों में छापेमारी की। इस पर दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भागने लगे। टीम ने दुकानों से पांच बाल मजदूरों को पकड़ लिया। मुक्त कराए गए पांच मजदूरों का जिला अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया गया।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि छापामारी कर आरिफ सर्विस सेंटर से दो बालक अमन (8) तथा समीर (9) और मनीष ऑटो गैरज इस्लामनगर से आसिफ (13) तथा साकिफ (10), पप्पू आटो सेंटर बाबरपुर से प्रशांत (10) को मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि पांचों बाल मजदूरों को बाल कल्याण समिति ककोर को सौंप दिया गया है। जहां से उक्त बालकों के परिजनों को बुलाकर दोबारा मजदूरी न करने की हिदायत देकर सौंपा जाएगा। वहीं दुकानदारों के खिलाफ बाल मजदूर अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
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