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नाले में आग, मची भगदड़
नाले में आग, मची भगदड़
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:25 PM IST
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नाले से उठता भीषण धुआं
- फोटो : amarujala
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पाता (औरैया)। पाता गांव में स्थित गेल इंडिया लिमिटेड के पाता पेट्रो केमिकल प्लांट से वेस्टेज (गंदा पानी) की निकासी वाले नाले में सोमवार को दोपहर जबरदस्त आग लग गई। ऊंची-ऊंची लपटों के साथ धुएं के बादल छा गए। इससे पास के दुकानदारों और राहगीरों में भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब तक पहुंची आग बुझ चुकी थी। गेल अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा बारिश होने की वजह से केमिकल का रिसाव हो गया था, मामले की जांच चल रही है। लोगों का कहना है कि नाले में किसी ने बीड़ी आदि पीकर फेंकी होगी। नाले के पानी में केमिकल के कारण आग लग गई।
पेट्रो केमिकल संयंत्र से वेस्टेज की निकासी के लिए नाला बना है। इसका गंदा पानी खानपुर-फफूंद मार्ग से आगे नाले में गिरता है। सोमवार को दोपहर मुख्य नाले से अचानक ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। नाला सड़क किनारे हैं। पटरी पर दर्जनों दुकानें हैं। आग की लपटें और धूएं का गुबार देख दुकानदार और राहगीरों में भगदड़ मच गई। भगदड़ के कारण किराने की दुकान किए नि:शक्त प्रकाश चंद्र उर्फ छोटे सक्सेना नाले में गिरते-गिरते बचा। झोपड़ी डालकर रह रहे मजदूर मनोज कुमार आग की लपटों से बाल-बाल बच गया। लोगों ने गेल की फायर ब्रिगेड को सूचित किया। गेल अधिकारियों को भी फोन किया गया। गेल के अधिकारी व फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक आग बुझ चुकी थी। ग्रामीण और दुकानदार ब्रजेश कुमार, गोलू, संजय चक, अशोक चक, सत्यम एवं पूर्व प्रधान मुंशीलाल दोहरे, पूर्व प्रधान रामलखन शर्मा ने बताया कि नाले में आए दिन केमिकल युक्त पानी बहता रहता है। पानी से उठने वाली बदबू से वह लोग परेशान हैं। नाले के पानी में केमिकल की बहुत मात्रा होने से आग लगी। इससे पूर्व भी पाता रोड पर सैय्यद बाबा की मजार के पास नाले में आग लगने की घटना हो चुकी है।
बारिश की वजह से हो सकता है किसी तरह केमिकल का कुछ अंश पानी के साथ बह कर ड्रेन पाइप में चला गया हो। इससे उसमें आग लग गई हो। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड व गेल के अधिकारी मौके पर खानपुर पहुंच गए थे। कोई नुकसान नही हुआ है केमिकल पानी में कैसे पहुंच गया, इसकी जांच कराई जा रही है।
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पीके माटी, सीजीएम एएचआरए गेल पाता
केमिकल से भूजल भी हो रहा दूषित
पाता (औरैया)। खानपुर ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान रामलखन शर्मा व मुंशीलाल दोहरे ने बताया कि प्लांट से वेस्टेज पानी की निकासी के इस नाले में आए दिन केमिकल की परतें बहती हुई देखी जा सकती है। केमिकल का दुष्प्रभाव अब भूजल पर भी पड़ रहा है। खानपुर गांव के बाहर सड़क के किनारे बने मकानों और दुकानों में लगे हैंडपंपों से बदबूदार पानी निकलने लगा है। खानपुर चौराहे पर लगे इंडिया मार्का हैंडपंप का भी पानी दूषित हो चुका है। गांव खानपुर के प्रदीप कुमार चक ने बताया कि रविवार की दोपहर इस नाले का पानी पीने से उसकी दो बकरियां मर गईं।
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पेट्रो केमिकल संयंत्र से वेस्टेज की निकासी के लिए नाला बना है। इसका गंदा पानी खानपुर-फफूंद मार्ग से आगे नाले में गिरता है। सोमवार को दोपहर मुख्य नाले से अचानक ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। नाला सड़क किनारे हैं। पटरी पर दर्जनों दुकानें हैं। आग की लपटें और धूएं का गुबार देख दुकानदार और राहगीरों में भगदड़ मच गई। भगदड़ के कारण किराने की दुकान किए नि:शक्त प्रकाश चंद्र उर्फ छोटे सक्सेना नाले में गिरते-गिरते बचा। झोपड़ी डालकर रह रहे मजदूर मनोज कुमार आग की लपटों से बाल-बाल बच गया। लोगों ने गेल की फायर ब्रिगेड को सूचित किया। गेल अधिकारियों को भी फोन किया गया। गेल के अधिकारी व फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक आग बुझ चुकी थी। ग्रामीण और दुकानदार ब्रजेश कुमार, गोलू, संजय चक, अशोक चक, सत्यम एवं पूर्व प्रधान मुंशीलाल दोहरे, पूर्व प्रधान रामलखन शर्मा ने बताया कि नाले में आए दिन केमिकल युक्त पानी बहता रहता है। पानी से उठने वाली बदबू से वह लोग परेशान हैं। नाले के पानी में केमिकल की बहुत मात्रा होने से आग लगी। इससे पूर्व भी पाता रोड पर सैय्यद बाबा की मजार के पास नाले में आग लगने की घटना हो चुकी है।
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बारिश की वजह से हो सकता है किसी तरह केमिकल का कुछ अंश पानी के साथ बह कर ड्रेन पाइप में चला गया हो। इससे उसमें आग लग गई हो। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड व गेल के अधिकारी मौके पर खानपुर पहुंच गए थे। कोई नुकसान नही हुआ है केमिकल पानी में कैसे पहुंच गया, इसकी जांच कराई जा रही है।
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केमिकल से भूजल भी हो रहा दूषित
पाता (औरैया)। खानपुर ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान रामलखन शर्मा व मुंशीलाल दोहरे ने बताया कि प्लांट से वेस्टेज पानी की निकासी के इस नाले में आए दिन केमिकल की परतें बहती हुई देखी जा सकती है। केमिकल का दुष्प्रभाव अब भूजल पर भी पड़ रहा है। खानपुर गांव के बाहर सड़क के किनारे बने मकानों और दुकानों में लगे हैंडपंपों से बदबूदार पानी निकलने लगा है। खानपुर चौराहे पर लगे इंडिया मार्का हैंडपंप का भी पानी दूषित हो चुका है। गांव खानपुर के प्रदीप कुमार चक ने बताया कि रविवार की दोपहर इस नाले का पानी पीने से उसकी दो बकरियां मर गईं।