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फाइनेंस कंपनी के एजेंट को धोखाधड़ी पर नहीं मिली जमानत
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने फाइनेंस कंपनी के एजेंट की जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी। यूनीमेक्स कंपनी में धनराशि को दोगुना करने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगे थे।
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि थाना फफूंद में खोयला निवासी दिवारीलाल ने रिपोर्ट लिखाई कि विपक्षीगण देवेश, राकेश, उमेश उसके घर पर कई बार आए और अपने को यूनीमेक्स लिमिटेड कंपनी का एजेंट बताते हुए कंपनी में धन निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
उसने बताया कि जमा धनराशि को दोगुना करने की योजना है। झांसे में आकर वादी ने विभिन्न नामों से करीब एक लाख 40 हजार रुपये जमा किए। इन बांडों की परिपक्ता राशि दो लाख 81 हजार 995 रुपये होती है।
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जमा धन की समयावधि पूर्ण होने पर वादी ने एजेंट देवेश पुत्र रामस्वरूप निवासी सेंगनपुर थाना अयाना को इन बांडों को दिया तो उसने माल रोड कानपुर से संपर्क करने की बात कही।
जब वह देवेश कुमार के साथ कानपुर आफिस गया तो उसे बांड जमाकर फर्जी दो लाख रुपये का डिलीवरी बाउचर इस सांत्वना के साथ दिया गया कि अभी चेक बुक नहीं आई है। आज तक उसका भुगतान नहीं किया गया। साथ ही आफिस भी बंद हो गया।
वादी ने थाना फफूंद में तीन आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा लिखाया। 16 मई 2020 को पुलिस ने देेवेश को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। शनिवार को आरोपी देवेश की जमानत याचिका सत्र न्यायालय में प्रस्तुत हुई।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश डॉ.दीपक स्वरूप सक्सेना ने आरोपित देवेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि थाना फफूंद में खोयला निवासी दिवारीलाल ने रिपोर्ट लिखाई कि विपक्षीगण देवेश, राकेश, उमेश उसके घर पर कई बार आए और अपने को यूनीमेक्स लिमिटेड कंपनी का एजेंट बताते हुए कंपनी में धन निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
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उसने बताया कि जमा धनराशि को दोगुना करने की योजना है। झांसे में आकर वादी ने विभिन्न नामों से करीब एक लाख 40 हजार रुपये जमा किए। इन बांडों की परिपक्ता राशि दो लाख 81 हजार 995 रुपये होती है।
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जमा धन की समयावधि पूर्ण होने पर वादी ने एजेंट देवेश पुत्र रामस्वरूप निवासी सेंगनपुर थाना अयाना को इन बांडों को दिया तो उसने माल रोड कानपुर से संपर्क करने की बात कही।
जब वह देवेश कुमार के साथ कानपुर आफिस गया तो उसे बांड जमाकर फर्जी दो लाख रुपये का डिलीवरी बाउचर इस सांत्वना के साथ दिया गया कि अभी चेक बुक नहीं आई है। आज तक उसका भुगतान नहीं किया गया। साथ ही आफिस भी बंद हो गया।
वादी ने थाना फफूंद में तीन आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा लिखाया। 16 मई 2020 को पुलिस ने देेवेश को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। शनिवार को आरोपी देवेश की जमानत याचिका सत्र न्यायालय में प्रस्तुत हुई।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश डॉ.दीपक स्वरूप सक्सेना ने आरोपित देवेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।