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मुआवजे की रकम मिली तो बदली किसानों की तस्वीर
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औरैया। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन का अधिग्रहण होने से किसानों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। जमीन का चौगुना मुआवजा मिलने से फूले नहीं समा रहे हैं। किसी ने जमीन के बदले जमीन खरीद ली है, तो कोई शहर में प्लाट लेकर मकान बनवाने की योजना बना रहा है, तो कुछ किसानों ने बैंक में एफडीआर जमा करने का मन बनाया है।
हाईवे के किनारे स्थित गांवों के किसानों को अच्छा-खासा मुआवजा मिला है। जितनी जमीन इन किसानों की गई है, मुआवजे से किसान चार गुना से अधिक जमीन खरीदने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
जमीन - दो बीघा
मुआवजा - करीब दो करोड़
फोटो 28 एयूआरपी 18 - किसान अनुराग
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम मिहौली के किसान अनुराग का कहना है कि गांव से एक्सप्रेस वे निकलने से गांव की बदहाली तो दूर होगी ही। लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जो धनराशि मिली है, उससे उन्होंने जमीन खरीद ली है। पुरखों के जमाने से उनके यहां खेती हो रही है। उनकी जमीन हाईवे के पास स्थित थी।
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जमीन सवा बीघा
मुआवजा - करीब डेढ़ करोड़
फोटो 28 एयूआरपी 19 - प्रदीप कुमार
सदर तहसील क्षेत्र के मिहौली के किसान प्रदीप कुमार बताते हैं बुंदलेखंड एक्सप्रेस वे के लिए जमीन अधिग्रहण कराने वाले में तहसील के 25 किसानों में वह भी शामिल थे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने औरैया, अजीतमल व बिधूना के कुल 75 किसानों को सम्मानित किया था। इसके लिए वह अपने को गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। मुआजवा से मिली रकम से गांव के आसपास ही उन्होंने जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं। उनकी जमीन भी हाईवे के किनारे स्थित थी।
जमीन करीब 15 बिस्वा
मुआवजा करीब आठ लाख 12 हजार
28 एयूआरपी 20 - जयकेश बाबू
तहसील अजीतमल के गढ़ा मानिकचंद के किसान जयकेश बाबू का कहना है कि मुआवजे की रकम से प्लाट खरीद कर मकान बनवाने की योजना बना रहे हैं। अभी झांसी, चित्रकू ट, बांदा आदि जाने के लिए दिक्कते उठानी पड़ रही थीं, इस मार्ग के बनने से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। क्षेत्र के विकास की संभावना भी जगी है। उनकी जमीन गांव के पास थी।
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हाईवे के किनारे स्थित गांवों के किसानों को अच्छा-खासा मुआवजा मिला है। जितनी जमीन इन किसानों की गई है, मुआवजे से किसान चार गुना से अधिक जमीन खरीदने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
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जमीन - दो बीघा
मुआवजा - करीब दो करोड़
फोटो 28 एयूआरपी 18 - किसान अनुराग
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम मिहौली के किसान अनुराग का कहना है कि गांव से एक्सप्रेस वे निकलने से गांव की बदहाली तो दूर होगी ही। लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जो धनराशि मिली है, उससे उन्होंने जमीन खरीद ली है। पुरखों के जमाने से उनके यहां खेती हो रही है। उनकी जमीन हाईवे के पास स्थित थी।
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जमीन सवा बीघा
मुआवजा - करीब डेढ़ करोड़
फोटो 28 एयूआरपी 19 - प्रदीप कुमार
सदर तहसील क्षेत्र के मिहौली के किसान प्रदीप कुमार बताते हैं बुंदलेखंड एक्सप्रेस वे के लिए जमीन अधिग्रहण कराने वाले में तहसील के 25 किसानों में वह भी शामिल थे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने औरैया, अजीतमल व बिधूना के कुल 75 किसानों को सम्मानित किया था। इसके लिए वह अपने को गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। मुआजवा से मिली रकम से गांव के आसपास ही उन्होंने जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं। उनकी जमीन भी हाईवे के किनारे स्थित थी।
जमीन करीब 15 बिस्वा
मुआवजा करीब आठ लाख 12 हजार
28 एयूआरपी 20 - जयकेश बाबू
तहसील अजीतमल के गढ़ा मानिकचंद के किसान जयकेश बाबू का कहना है कि मुआवजे की रकम से प्लाट खरीद कर मकान बनवाने की योजना बना रहे हैं। अभी झांसी, चित्रकू ट, बांदा आदि जाने के लिए दिक्कते उठानी पड़ रही थीं, इस मार्ग के बनने से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। क्षेत्र के विकास की संभावना भी जगी है। उनकी जमीन गांव के पास थी।