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बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान रोपाई शुरू
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एरवाकटरा क्षेत्र में खेतों पर धान की रोपाई करते किसान। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। मानसून की पहली बारिश से गुरुवार सुबह जहां गर्मी से लोगों को निजात मिली। वहीं, खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है।
यह बारिश किसानों के लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं है। किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है। किसान पिछले कई दिनों से बारिश की आस लगाए बैठे थे, बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ रहीं थीं। कुछ किसानों की धान की नर्सरी सूखने की कगार पर थी। कुछ किसान निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर धान की नर्सरी बचाने में जुटे थे।
गुरुवार को सबसे ज्यादा बारिश बेला, बिधूना, एरवाकटरा, सहायल, कंचौसी इलाके में हुई। यहां के किसान खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई करने में जुट गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र परवाह के कृषि/मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि बारिश से किसानों को काफी फायदा पहुंचेगा। ऐसी फसलें खेत में अब नहीं हैं, जिनमें नुकसान हो। अभी दो दिन बारिश तेज होने के आसार है। शुक्रवार को जिले में तेज बारिश हो सकती है।
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मूंगफली की फसल को पहुंचा नुकसान
बिधूना। मानसून की पहली बारिश कुछ किसानों के लिए संजीवनी तो कुछ के लिए नुकसानदायक साबित हुई है। जिन खेतों में मूंग, मूंगफली, उड़द की फसलें खड़ी थी या कटी पड़ी हैं उन्हें नुकसान हुआ है। बिधूना क्षेत्र में कई खेतों में पानी भर जाने से मूंगफली किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। किसानों ने खेतों से पानी निकलना शुरू कर दिया है।
मक्का और धान होगा फायदा
इन दिनों खेतों में मक्का के साथ ही धान फसल के लिए नर्सरी व रोपाई का काम चल रहा है। बारिश का सबसे ज्यादा फायदा इन्हीं फसलों को होगा। किसान बारिश होने के बाद नर्सरी से धान की बेल निकाल कर रोपाई में जुट गए हैं।
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यह बारिश किसानों के लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं है। किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है। किसान पिछले कई दिनों से बारिश की आस लगाए बैठे थे, बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ रहीं थीं। कुछ किसानों की धान की नर्सरी सूखने की कगार पर थी। कुछ किसान निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर धान की नर्सरी बचाने में जुटे थे।
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गुरुवार को सबसे ज्यादा बारिश बेला, बिधूना, एरवाकटरा, सहायल, कंचौसी इलाके में हुई। यहां के किसान खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई करने में जुट गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र परवाह के कृषि/मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि बारिश से किसानों को काफी फायदा पहुंचेगा। ऐसी फसलें खेत में अब नहीं हैं, जिनमें नुकसान हो। अभी दो दिन बारिश तेज होने के आसार है। शुक्रवार को जिले में तेज बारिश हो सकती है।
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मूंगफली की फसल को पहुंचा नुकसान
बिधूना। मानसून की पहली बारिश कुछ किसानों के लिए संजीवनी तो कुछ के लिए नुकसानदायक साबित हुई है। जिन खेतों में मूंग, मूंगफली, उड़द की फसलें खड़ी थी या कटी पड़ी हैं उन्हें नुकसान हुआ है। बिधूना क्षेत्र में कई खेतों में पानी भर जाने से मूंगफली किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। किसानों ने खेतों से पानी निकलना शुरू कर दिया है।
मक्का और धान होगा फायदा
इन दिनों खेतों में मक्का के साथ ही धान फसल के लिए नर्सरी व रोपाई का काम चल रहा है। बारिश का सबसे ज्यादा फायदा इन्हीं फसलों को होगा। किसान बारिश होने के बाद नर्सरी से धान की बेल निकाल कर रोपाई में जुट गए हैं।