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Auraiya News: मौसम में बदलाव से किसानों को चेहरे खिले
Thu, 30 Nov 2023 11:13 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 30 Nov 2023 11:13 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। गुरुवार को सुबह मौसम में बदलाव और बारिश होने से सर्दी का अहसास होने के साथ-साथ किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली है। किसानों ने सर्दी बढ़ने और हल्की बारिश को फसलों के लिए लाभकारी बताया। कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि अब मौसम में परिर्वतन होने से फसलें अच्छी होंगी। मिट्टी में नमी आने से फसलों की थमी बढ़वार भी बढ़ने लगेगी।
किसानों ने जैसे-तैसे इंतजाम कर अपनी फसलों की बुवाई कर दी थी, लेकिन नवंबर की शुरूआत से तीसरे सप्ताह तक मौसम अनुकूल नहीं था। इससे मटर, चना की फसलों की वृद्धि नहीं हो पा रही थी। फसलें सीमित होकर रह गई थीं। इससे किसानों को फसलें प्रभावित होने की चिंता सता रही थी। गुरुवार को हुई बारिश से किसानों ने खुशी जाहिर की। कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि बेमौसम की बारिश खेती के लिहाज से अच्छी है। गेहूं, चना, मटर व सरसों, आलू आदि की फसलों को इससे लाभ होगा। करीब 70 फीसदी तक फसलों की बुुवाई हो चुकी है। इनमें पानी की जरूरत थी, वह काफी हद तक पूरी हो गई है। मिट्टी में नमी आने से फसलों की पैदावार अच्छी होने के आसार बन गए हैं। हल्की बारिश के चलते किसानों को पलेवा की भी पूर्ति हो गई।
खेतों में बोई गई रबी फसलों पर एक नजर
फसल हेक्टेयर
गेहूं - 103078
जौ - 2714
चना - 5482
मटर -127
सरसों - 15305
आलू - 5300
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औरैया। गुरुवार को सुबह मौसम में बदलाव और बारिश होने से सर्दी का अहसास होने के साथ-साथ किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली है। किसानों ने सर्दी बढ़ने और हल्की बारिश को फसलों के लिए लाभकारी बताया। कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि अब मौसम में परिर्वतन होने से फसलें अच्छी होंगी। मिट्टी में नमी आने से फसलों की थमी बढ़वार भी बढ़ने लगेगी।
किसानों ने जैसे-तैसे इंतजाम कर अपनी फसलों की बुवाई कर दी थी, लेकिन नवंबर की शुरूआत से तीसरे सप्ताह तक मौसम अनुकूल नहीं था। इससे मटर, चना की फसलों की वृद्धि नहीं हो पा रही थी। फसलें सीमित होकर रह गई थीं। इससे किसानों को फसलें प्रभावित होने की चिंता सता रही थी। गुरुवार को हुई बारिश से किसानों ने खुशी जाहिर की। कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि बेमौसम की बारिश खेती के लिहाज से अच्छी है। गेहूं, चना, मटर व सरसों, आलू आदि की फसलों को इससे लाभ होगा। करीब 70 फीसदी तक फसलों की बुुवाई हो चुकी है। इनमें पानी की जरूरत थी, वह काफी हद तक पूरी हो गई है। मिट्टी में नमी आने से फसलों की पैदावार अच्छी होने के आसार बन गए हैं। हल्की बारिश के चलते किसानों को पलेवा की भी पूर्ति हो गई।
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खेतों में बोई गई रबी फसलों पर एक नजर
फसल हेक्टेयर
गेहूं - 103078
जौ - 2714
चना - 5482
मटर -127
सरसों - 15305
आलू - 5300