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सरकारी क्रेंद्रों से किसानों का मोहभंग, आढ़तों खरीद बढ़ी

Fri, 22 Apr 2022 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:51 AM IST
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Farmers disillusioned with government centers, agent purchases increased
गल्ला मंडी की आढ़त में जमा खरीदा गया गेहूं। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। जिले में गेहूं खरीद के लिए 65 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद का समर्थन मूल्य 2015 रुपये है। जबकि मंडी की आढ़तों पर गेहूं का खुला रेट 2100 से लेकर 2150 रुपये तक चल रहा है। इससे किसानों का सरकारी क्रय केंद्रों से मोहभंग हो रहा है और वो आढ़तों पर गेहूं बेच रहे हैं। आढ़तों में एक अप्रैल से अब तक एक लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। जबकि सरकारी क्रय केंद्र में सिर्फ अजीतमल में 9700 क्विंटल खरीद हुई है।
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जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र खुल चुके हैं। स्थिति यह है कि जिले के अधिकांश सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। जबकि मंडी की आढ़तों में किसानों की भरमार है। आढ़तों में गेहूं के अलग अलग रेट हैं। औरैया शहर की गल्ला मंडी में 2100 से 2150 रुपये में आढ़तियों ने 75137 क्विंटल, दिबियापुर मंडी में 2015 से 2075 रुपये के हिसाब से 24 हजार क्विंटल, अछल्दा मंडी में 2080 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब तीन हजार क्विंटल गेहूं खरीद चुके हैं।
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जैसे-जैसे रेट बढ़ रहे हैं, मंडियों में किसानों की संख्या में गुणात्मक इजाफा होता देखा जा रहा है। वहीं कुछ किसान आने वाले दिनों में गेहूं के दामों में और अधिक इजाफा होने के अनुमान लगाए हैं। ऐसे किसानों ने अभी अपना गेहूं रोक लिया है। डिप्टी आरएमओ सुधांशु शेखर चौबे ने बताया कि क्रय केंद्रों पर जल्द ही खरीद बढ़ेगी, अभी खेतों में मड़ाई चल रही है।
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अधिक तापमान से प्रभावित हुई गेहूं की फसल
प्रगतिशील किसान कवींद्र सिंह का कहना है कि इस साल मार्च में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। अप्रैल के पहले पखवाड़े भी सामान्य से अधिक तापमान रहा। इसका दुष्प्रभाव रबी की फसलों पर पड़ा। गेहूं की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ। गेहूं की फसल समय से पहले पककर तैयार हो गई। जिससे गेहूं की पैदावार करीब 25 फीसदी कम पैदावार हुई है। बाली के अंदर दाने जिस स्थिति में थे, उसी में सिकुड़कर रह गए। इससे वजन में कमी आई है।
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