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कर्जमाफी प्रमाणपत्र पाकर किसानों के खिले चेहरे

Wed, 13 Sep 2017 12:12 AM IST
औरैया
औरैया Updated Wed, 13 Sep 2017 12:12 AM IST
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False faces of farmers by obtaining a loan waiver certificate
महिला किसान को कर्जमाफी का प्रमाण पत्र देते प्रभारी मंत्री धर्म सिंह सैनी। - फोटो : अमर उजाला
 महीनों से ऋण माफी की आस लगाए किसानों की मुराद मंगलवार को पूरी हो गई। जिला मुख्यालय ककोर में जिले के प्रभारी मंत्री धर्म सिंह सैनी ने पहली सूची में शामिल 4211 किसानों को ऋण माफी योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके लिए 21 करोड़ 87 लाख रुपये निर्गत किया गया।
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जिला मुख्यालय ककोर स्थित तिरंगा पायका स्टेडियम में मंगलवार को ऋण माफी योजना प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री धर्म सिंह सैनी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गोपाल इंटर कालेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार किसानों को कर्ज माफी के नाम पर गुमराह करती रही है। जब से केंद्र में मोदी व प्रदेश में योगी की सरकार आई है, तब से प्रदेश सरकार का एक ही लक्ष्य है कि कैसे किसानों की आय दो गुनी कर उन्हें खुशहाल किया जाए। चुनावी वादों में शामिल किसान कर्ज माफ ी को सरकार ने प्राथमिकता देते हुए ऋण माफी योजना के अंतर्गत किसानों के कर्ज माफ किए। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने किसानों के कर्जमाफी के प्रमाण पत्र वितरित किए।
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कहा कि 2022 तक सभी किसानों की आय दो गुनी हो जाएगी और किसान खुशहाल होगा। नोटबंदी का विरोध सबने किया जबकि पब्लिक ने सपोर्ट किया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश व देश अब खुशहाली की ओर बढ़ रहा है।
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इस मौके पर डीएम जेपी सगर, एसपी संजीव त्यागी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह, सांसद अशोक दोहरे, सदर विधायक रमेश दिवाकर, बिधूना विधायक विनय शाक्य, दिबियापुर विधायक लाखन सिंह राजपूत आदि लोग मौजूद रहे।

समय से कर्जमाफी न होने से बैंक ने नहीं दिया कर्ज
औरैया। कुछ किसानों को पीड़ा भी थी कि अगर समय से कर्जमाफी हो जाती तो वह खरीफ में अच्छी फसल कर लेते। पहले से ही कर्ज के कारण बैंकों ने केसीसी पर उन्हें कर्ज नहीं दिया था। जिस कारण बाजार व अन्य जगहों से कर्ज लेकर फसल करनी पड़ी।


नहीं मिला प्रमाण पत्र
शहाब्दा कटरा निवासी रामऔतार ने बताया कि उसका पूर्वांचल बैंक बिधूना से एक लाख का कर्ज था। बैंक ने उनकी सूची में नाम नहीं भेजा है। दलाल उससे रुपये मांग रहे थे, जिससे उसका माफ नहीं किया। किसान, मंत्री को प्रार्थना पत्र देने आया था मगर पहुंच नहीं सका तो डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपकर गुहार लगाई।
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