{"_id":"642f0d04c51ca2672406f563","slug":"facilities-missing-even-after-paying-mandi-and-development-fees-auraiya-news-c-12-1-166060-2023-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: मंडी व विकास शुल्क देने के बाद भी सुविधाएं नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: मंडी व विकास शुल्क देने के बाद भी सुविधाएं नदारद
Thu, 06 Apr 2023 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 06 Apr 2023 11:48 PM IST
विज्ञापन
फोटो06एयूआरपी 19- गल्ला मंडी में घूमते छुट्टा मवेशी। संवाद
फोटो06एयूआरपी 20- सफाई न होने से परिसर में दुकानों के सामने भरा गंदा पानी। संवाद
फोटो06एयूआरपी 21- गंदगी भरने से चोक पड़े गल्ला मंडी परिसर के नाले। संवाद
फोटो06एयूआरपी 22- अनदेखी से जमींदोज हुआ हैंडपंप। संवाद
फोटो06एयूआरपी 23- मंडी परिसर में आढ़त के बाहर तेज धूप में गेहूं भरते पल्लेदार व मौजूद किसान। संवाद
मंडी व विकास शुल्क देने के बाद भी समस्या से जूझ रहे आढ़ती
-गल्ला मंडी में आवारा मवेशियों से नुकसान झेलने को मजबूर व्यापारी और किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शहर की कृषि उत्पादन मंडी समिति में निर्धारित मंडी व विकास शुल्क अदा करने के बाद भी आढ़ती, किसान व ट्रांसपोर्टरों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। यहां व्यापारियों के बैठने, ठहरने के साथ पीने के पानी और सफाई की समस्या बनी हुई है। मंडी शुल्क देने के बाद भी सुविधाएं न मिलने से व्यापारियों में आक्रोश है।
औरैया मंडी में आढ़ती, किसान, पल्लेदार व ट्रांसपोर्ट कर्मचारी समेत प्रतिदिन लगभग चार से पांच हजार व्यक्तियों का आना-जाना रहता है। आलू, फल, और गल्ले के बड़ी मंडी होने के कारण यहां पर जालौन, इटावा और कानपुर देहात व अन्य जिलों से भी व्यापारी आते हैं। मगर सुविधाओं का टोटा देख अब व्यापारी भी रुख दूसरी मंडियों की तरफ करने लगे हैं।
मंडी का हाल यह है कि चारों तरफ गंदगी और चोक नालियों की वजह से आढ़ती दुर्गंध से परेशान रहते हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा परेशानी पीने के पानी को लेकर उठानी पड़ रही है। यहां लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं, पानी की टंकियां गर्म पानी उगल रही हैं। मजबूरन लोगों को बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। व्यापारियों को उपज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
पर्याप्त संसाधन न होने से अब व्यापारी व आढ़तियों में रोष बना हुआ है। गल्ला मंडी की पड़ताल के दौरान समस्याओं को लेकर व्यापारी व आढ़तियों ने अपनी परेशानी बयां की।
आढ़तियों ने बताई परेशानी
फोटो06एयूआरपी 24- विवेक पाठक
गल्ला मंडी में पानी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। मंडी परिसर में लगे हैंडपंप खराब हैं। एक हैंडपंप चालू भी है तो उसके चारों तरफ गंदगी फैली है। केवल मुख्य गेट पर पानी के लिए फिल्टर मशीन लगी है। किसी को भी पानी पीना हो तो काम छोड़कर पहले मेन गेट पर जाए। ऐसे में आढ़ती को काफी समस्या हो रही है। अब गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में पानी को लेकर समस्या और भी गंभीर होगी।- विवेक पाठक, आढ़ती
फोटो06एयूआरपी 25- जमाली सिंह
गल्ला मंडी आढ़ती एसोसिएशन के महामंत्री जमाली सिंह कहते हैं कि मंडी में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। मंडी में घूम रहे छुट्टा मवेशी फड़ पर पड़े जींसों में मुंह मारकर नुकसान कर रहे हैं। यही नहीं नाले भी चोक पड़े हैं। जबकि आढ़ती से मंडी शुल्क व विकास शुल्क के नाम पर ढाई प्रतिशत टैक्स भी लिया जाता है। इसके बावजूद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं।
बोले जिम्मेदार-- -
अभी चार दिन पहले ही मंडी समिति सचिव का कार्यभार संभाला है। मंडी परिसर में दो ट्यूबवेल लगे हैं, हैंडपंपों की समस्या है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। वहीं, मार्च में मंडी सचिव का पद खाली होने से सफाई के लिए टेंडर नहीं हो सका था। अब टेंडर प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से होगी, जिसमें समय लगेगा। ऐसे में पिछले ठेकेदार का कार्यकाल एक माह के लिए बढ़ाया जा रहा है। जिससे गल्ला मंडी की सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराई जा सके। अन्ना मवेशियों की समस्याओं को भी जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।- अरुण कुमार, गल्ला मंडी सचिव, औरैया।
विज्ञापन
फोटो06एयूआरपी 20- सफाई न होने से परिसर में दुकानों के सामने भरा गंदा पानी। संवाद
फोटो06एयूआरपी 21- गंदगी भरने से चोक पड़े गल्ला मंडी परिसर के नाले। संवाद
फोटो06एयूआरपी 22- अनदेखी से जमींदोज हुआ हैंडपंप। संवाद
फोटो06एयूआरपी 23- मंडी परिसर में आढ़त के बाहर तेज धूप में गेहूं भरते पल्लेदार व मौजूद किसान। संवाद
मंडी व विकास शुल्क देने के बाद भी समस्या से जूझ रहे आढ़ती
-गल्ला मंडी में आवारा मवेशियों से नुकसान झेलने को मजबूर व्यापारी और किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शहर की कृषि उत्पादन मंडी समिति में निर्धारित मंडी व विकास शुल्क अदा करने के बाद भी आढ़ती, किसान व ट्रांसपोर्टरों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। यहां व्यापारियों के बैठने, ठहरने के साथ पीने के पानी और सफाई की समस्या बनी हुई है। मंडी शुल्क देने के बाद भी सुविधाएं न मिलने से व्यापारियों में आक्रोश है।
औरैया मंडी में आढ़ती, किसान, पल्लेदार व ट्रांसपोर्ट कर्मचारी समेत प्रतिदिन लगभग चार से पांच हजार व्यक्तियों का आना-जाना रहता है। आलू, फल, और गल्ले के बड़ी मंडी होने के कारण यहां पर जालौन, इटावा और कानपुर देहात व अन्य जिलों से भी व्यापारी आते हैं। मगर सुविधाओं का टोटा देख अब व्यापारी भी रुख दूसरी मंडियों की तरफ करने लगे हैं।
विज्ञापन
मंडी का हाल यह है कि चारों तरफ गंदगी और चोक नालियों की वजह से आढ़ती दुर्गंध से परेशान रहते हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा परेशानी पीने के पानी को लेकर उठानी पड़ रही है। यहां लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं, पानी की टंकियां गर्म पानी उगल रही हैं। मजबूरन लोगों को बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। व्यापारियों को उपज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
पर्याप्त संसाधन न होने से अब व्यापारी व आढ़तियों में रोष बना हुआ है। गल्ला मंडी की पड़ताल के दौरान समस्याओं को लेकर व्यापारी व आढ़तियों ने अपनी परेशानी बयां की।
आढ़तियों ने बताई परेशानी
फोटो06एयूआरपी 24- विवेक पाठक
गल्ला मंडी में पानी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। मंडी परिसर में लगे हैंडपंप खराब हैं। एक हैंडपंप चालू भी है तो उसके चारों तरफ गंदगी फैली है। केवल मुख्य गेट पर पानी के लिए फिल्टर मशीन लगी है। किसी को भी पानी पीना हो तो काम छोड़कर पहले मेन गेट पर जाए। ऐसे में आढ़ती को काफी समस्या हो रही है। अब गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में पानी को लेकर समस्या और भी गंभीर होगी।- विवेक पाठक, आढ़ती
फोटो06एयूआरपी 25- जमाली सिंह
गल्ला मंडी आढ़ती एसोसिएशन के महामंत्री जमाली सिंह कहते हैं कि मंडी में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। मंडी में घूम रहे छुट्टा मवेशी फड़ पर पड़े जींसों में मुंह मारकर नुकसान कर रहे हैं। यही नहीं नाले भी चोक पड़े हैं। जबकि आढ़ती से मंडी शुल्क व विकास शुल्क के नाम पर ढाई प्रतिशत टैक्स भी लिया जाता है। इसके बावजूद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं।
बोले जिम्मेदार
अभी चार दिन पहले ही मंडी समिति सचिव का कार्यभार संभाला है। मंडी परिसर में दो ट्यूबवेल लगे हैं, हैंडपंपों की समस्या है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। वहीं, मार्च में मंडी सचिव का पद खाली होने से सफाई के लिए टेंडर नहीं हो सका था। अब टेंडर प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से होगी, जिसमें समय लगेगा। ऐसे में पिछले ठेकेदार का कार्यकाल एक माह के लिए बढ़ाया जा रहा है। जिससे गल्ला मंडी की सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराई जा सके। अन्ना मवेशियों की समस्याओं को भी जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।- अरुण कुमार, गल्ला मंडी सचिव, औरैया।