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Auraiya News: कृषि विभाग भी नहीं ले रहा 200 बीघा जलमग्न खेतों की सुध
Thu, 28 Aug 2025 11:15 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:15 PM IST
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फोटो-28एयूआरपी 25- घेरा समीप जलमग्न खेत। फाइल फोटो
औरैया। दिबियापुर से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव के 200 बीघा खेतों में साल के आठ माह पानी भरा रहता है। ऐसे में इस 200 बीघा जमीन पर साल 2019 से फसलें नहीं उग पा रही हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी इस समस्या को लेकर कृषि विभाग ने भी उनकी सुध नहीं ली है। कृषि विभाग मुस्तैदी से इस प्रकरण को उठाता तो उनके खेतों में धान व गेहूं की फसलें उगती। जीविका का तो इंतजाम होता। साथ ही साथ अनाज में उन खेतों की भी भागीदारी होती लेकिन कृषि विभाग भी इस मामले को लेकर साल 2019 से अनजान बना हुआ है।
दिबियापुर कस्बा से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव के 200 बीघा खेत साल के आठ माह जलमग्न रहते हैं। खरीफ सीजन के साथ साथ जनवरी माह तक यहां पानी भरा रहता है। ऐसे में गेहूं की बुआई में भी देरी हो जाती है। ऐसे में इन खेतों में सालभर फसलें नहीं उग पा रही है। यहां की जलनिकासी के लिए जिम्मेदार मैनपूठ नाले की सुध न लेना इस कोढ़ को बढ़ा रहा है। किसानों की माने तो इस नाले से सालों पहले सिंचाई होती थी। ये सिंचाई फसलों के उत्पादन में बढ़ावा देती थी लेकिन धीरे-धीरे नाले पर अतिक्रमण की ऐसी चोट हुई कि यही नाला चोक होने से जलभराव का संकट खड़ा हो गया। गांव से लेकर दिबियापुर कस्बा में कई जगह नाले में जल निकासी सीमित दायरे के चलते सुचारू नहीं है।
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क्या बोले किसान-- -
सालभर से नहीं उग रहीं फसलें
फोटो-28एयूआरपी 26- शरीफ खान। संवाद
कृषि विभाग की जिम्मेदारी होती है कि किसानों की समस्या को जरूरी कदम उठाते हुए दूर करें लेकिन यहां पर खेत सालभर डूबे रहते हैं। फसलें नहीं उग रही हैं। फिर भी कृषि विभाग इस समस्या की सुध नहीं ले रहा है।- शरीफ खान
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समस्या उठती तो बनती बात
फोटो-28एयूआरपी 27- मुकेश। संवाद
कृषि विभाग अगर 200 बीघा खेतों में फसलें न उगने की समस्या उठाता तो कुछ तो बात बन जाती। इतने बड़े हिस्से में बड़े पैमाने पर 2019 से पहले धान व गेहूं का उत्पादन होता रहा है। महज मैनपूठ नाले की जलनिकासी दुरुस्त होनी है।-मुकेश
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उठाए जाएंगे जरूरी कदम
दिबियापुर से सटे खेतों में जलभराव का मामला संज्ञान में आया है। इसे लेकर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। समस्या का समाधान निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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दिबियापुर कस्बा से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव के 200 बीघा खेत साल के आठ माह जलमग्न रहते हैं। खरीफ सीजन के साथ साथ जनवरी माह तक यहां पानी भरा रहता है। ऐसे में गेहूं की बुआई में भी देरी हो जाती है। ऐसे में इन खेतों में सालभर फसलें नहीं उग पा रही है। यहां की जलनिकासी के लिए जिम्मेदार मैनपूठ नाले की सुध न लेना इस कोढ़ को बढ़ा रहा है। किसानों की माने तो इस नाले से सालों पहले सिंचाई होती थी। ये सिंचाई फसलों के उत्पादन में बढ़ावा देती थी लेकिन धीरे-धीरे नाले पर अतिक्रमण की ऐसी चोट हुई कि यही नाला चोक होने से जलभराव का संकट खड़ा हो गया। गांव से लेकर दिबियापुर कस्बा में कई जगह नाले में जल निकासी सीमित दायरे के चलते सुचारू नहीं है।
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क्या बोले किसान
सालभर से नहीं उग रहीं फसलें
फोटो-28एयूआरपी 26- शरीफ खान। संवाद
कृषि विभाग की जिम्मेदारी होती है कि किसानों की समस्या को जरूरी कदम उठाते हुए दूर करें लेकिन यहां पर खेत सालभर डूबे रहते हैं। फसलें नहीं उग रही हैं। फिर भी कृषि विभाग इस समस्या की सुध नहीं ले रहा है।- शरीफ खान
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समस्या उठती तो बनती बात
फोटो-28एयूआरपी 27- मुकेश। संवाद
कृषि विभाग अगर 200 बीघा खेतों में फसलें न उगने की समस्या उठाता तो कुछ तो बात बन जाती। इतने बड़े हिस्से में बड़े पैमाने पर 2019 से पहले धान व गेहूं का उत्पादन होता रहा है। महज मैनपूठ नाले की जलनिकासी दुरुस्त होनी है।-मुकेश
उठाए जाएंगे जरूरी कदम
दिबियापुर से सटे खेतों में जलभराव का मामला संज्ञान में आया है। इसे लेकर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। समस्या का समाधान निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी