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Auraiya News: रिपोर्ट मिलने के 20 दिन बाद भी दोषियों पर तय नहीं हो सकी कार्रवाई

Wed, 08 May 2024 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2024 11:45 PM IST
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Even after 20 days of receiving the report, action could not be taken against the culprits
संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। एआरटीओ कार्यालय में चालान गबन के मामले में चार माह से चल रही जांच की रिपोर्ट कानपुर आरटीओ के लेखाधिकारी ने 20 दिन पहले उप परिवहन आयुक्त को सौंप दी। इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में है और दोषियों पर कार्रवाई तय नहीं की जा सकी है।
पांच जनवरी को भाऊपुर निवासी शिवकांत पाठक व उनकी पत्नी की आत्महत्या के बाद खुले एआरटीओ कार्यालय का गबन दो मौतों के बाद भी अतीत के पन्नों में दफन होता नजर आ रहा है। गबन के पूरे मामले में जनवरी माह से शुरू हुई कवायद अप्रैल माह तक चली। आरटीओ कार्यालय के लेखाधिकारी प्रदीप कुमार ने उप परिवहन आयुक्त विजय कुमार को 20 दिन पहले ही रिपोर्ट सौंपी है।
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इसमें लेखाधिकारी प्रदीप कुमार ने अधिकारियों से लेकर तीन बाबुओं की संलिप्तता का सीधे तौर पर जिक्र किया था। सूत्रों की माने तो एक कर्मचारी अगस्त में सेवानिवृत्त होने जा रहे है। शिवकांत के सुसाइड नोट में भी उसका जिक्र था। तीन बाबू व चौथे कर्मचारी को लेकर विभागीय लोगों की नजर टिकी हैं। मामले की अहम कड़ी एआरटीओ कार्यालय में तैनात रहा लेखाकार ललितकांत कटियार को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
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इस पर शिवकांत के परिजनों ने आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पूरे मामले को लेकर जब उप परिवहन आयुक्त विजय कुमार से पूछा गया तो उन्होंने रिपोर्ट शासन में भेजने की बात कही।
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