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करोड़ो खर्च होने के बाद भी गौरैया तालाब का असतित्व खतरें में पड़ा
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गौरैया तालाब की फोटो
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। करोड़ों रुपये खर्च कर शहर के ऐतिहासिक गौरैया तालाब का स्वरूप बदलने के लिए पिकनिक स्पॉट बनाया गया। लेकिन देखरेख के अभाव में न तालाब बचा और न पिकनिक स्पॉट। तालाब की जमीन के आसपास कब्जा कर लोगों ने मकान बना लिए हैं। यह सब जानते हुए भी नगर पालिका इसे कब्जा मुक्त कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। ऐतिहासिक विरासत संजोए तालाब अपनी पहचान खोता जा रहा है।
एक जमाना था कि इस तालाब में लोग स्नान करने के साथ ही परिसर में बने मंदिर में पूजा अर्चन के लिए आते थे। मारवाड़ियों ने इसकी स्थापना 1434 में करवाकर इसे ऐतिहासिक गौरैया तालाब का नाम दिया।
देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे तालाब के घाट और चबूतरे जीर्णशीर्ण हो गए। मंदिर और तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए लोगों ने आवाज उठाई तो 2016-17 में तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने इसके जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नगर पालिका में मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बना और काम शुरू हुआ। तालाब में कई निर्माण कराने के साथ इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया गया। पेड़ पौधे, लाइट, फव्वारे लगाए गए। लेकिन चार साल में देखरेख के अभाव में तालाब में न तो पानी बचा और न पिकनिक स्पॉट। तालाब की भूमि पर लोगों ने कब्जे कर मकान बनवा रखे हैं।
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ये काम कराए गए थे
गौरैया तालाब को पिकनिक स्पॉट बनाने की योजना तैयार होने के साथ ही कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद व एनएचएआई के सहयोग से पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इस प्रोजेक्ट में तालाब के आसपास कब्जाई गई जमीन को खाली कराने का भी प्रस्ताव शामिल था। प्रस्ताव पर काम कर नगर पालिका परिषद ने लाखों रुपये खर्च कर तालाब के पानी को खाली कराकर उसमें सैकड़ों ट्राली मिट्टी डलवाई। पालिका प्रशासन की ओर से लाइट, डिस्को लाइट विद फाउंटेन, कुर्सियां, पार्क आदि काम कराए गए थे।
प्रशासन कराए जांच
शिव सेना के प्रदेश सचिव पवन अवस्थी का कहना है कि गौरैया तालाब की जमीन पर बनाए गए पिकनिक स्पॉट का शहर के लोगों को कोई लाभ नहीं मिला। करोड़ों खर्च हुए, फिर भी कब्जे नहीं हटे। आज ऐतिहासिक विरासत संकट में है। जिला प्रशासन को इस काम की जांच करानी चाहिए।
जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद
मंदिर व्यवस्थापक लाल बाबा ने कहा कि 2016 में पालिका प्रशासन की ओर से शुरू की गई मुहिम पर शहर के लोगों को अच्छा पिकनिक स्पॉट उपलब्ध होने पर खुशी थी। लेकिन डेढ़-दो साल में पिकनिक स्पॉट का दम निकल गया। जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो गई। जांच हो तो घपलेबाजी सामने आएगी।
वर्जन
पालिका के पास बजट ही नहीं है। ऐसे में पिकनिक स्पॉट को दुरुस्त करा पाना फिलहाल संभव नहीं है। बजट आने पर व्यवस्था ठीक कराई जाएगी। - बलवीर सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद
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एक जमाना था कि इस तालाब में लोग स्नान करने के साथ ही परिसर में बने मंदिर में पूजा अर्चन के लिए आते थे। मारवाड़ियों ने इसकी स्थापना 1434 में करवाकर इसे ऐतिहासिक गौरैया तालाब का नाम दिया।
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देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे तालाब के घाट और चबूतरे जीर्णशीर्ण हो गए। मंदिर और तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए लोगों ने आवाज उठाई तो 2016-17 में तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने इसके जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नगर पालिका में मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बना और काम शुरू हुआ। तालाब में कई निर्माण कराने के साथ इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया गया। पेड़ पौधे, लाइट, फव्वारे लगाए गए। लेकिन चार साल में देखरेख के अभाव में तालाब में न तो पानी बचा और न पिकनिक स्पॉट। तालाब की भूमि पर लोगों ने कब्जे कर मकान बनवा रखे हैं।
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ये काम कराए गए थे
गौरैया तालाब को पिकनिक स्पॉट बनाने की योजना तैयार होने के साथ ही कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद व एनएचएआई के सहयोग से पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इस प्रोजेक्ट में तालाब के आसपास कब्जाई गई जमीन को खाली कराने का भी प्रस्ताव शामिल था। प्रस्ताव पर काम कर नगर पालिका परिषद ने लाखों रुपये खर्च कर तालाब के पानी को खाली कराकर उसमें सैकड़ों ट्राली मिट्टी डलवाई। पालिका प्रशासन की ओर से लाइट, डिस्को लाइट विद फाउंटेन, कुर्सियां, पार्क आदि काम कराए गए थे।
प्रशासन कराए जांच
शिव सेना के प्रदेश सचिव पवन अवस्थी का कहना है कि गौरैया तालाब की जमीन पर बनाए गए पिकनिक स्पॉट का शहर के लोगों को कोई लाभ नहीं मिला। करोड़ों खर्च हुए, फिर भी कब्जे नहीं हटे। आज ऐतिहासिक विरासत संकट में है। जिला प्रशासन को इस काम की जांच करानी चाहिए।
जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद
मंदिर व्यवस्थापक लाल बाबा ने कहा कि 2016 में पालिका प्रशासन की ओर से शुरू की गई मुहिम पर शहर के लोगों को अच्छा पिकनिक स्पॉट उपलब्ध होने पर खुशी थी। लेकिन डेढ़-दो साल में पिकनिक स्पॉट का दम निकल गया। जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो गई। जांच हो तो घपलेबाजी सामने आएगी।
वर्जन
पालिका के पास बजट ही नहीं है। ऐसे में पिकनिक स्पॉट को दुरुस्त करा पाना फिलहाल संभव नहीं है। बजट आने पर व्यवस्था ठीक कराई जाएगी। - बलवीर सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद