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तीन दिन से 18 गांव की बिजली गुल
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 08 May 2018 10:44 PM IST
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ग्राम अघारा के एक खेत में टूटा पड़ा बिजली का खंभा
- फोटो : amarujala
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औरैया। तीन दिन से 18 गांव की बिजली गुल है। रविवार को आई आंधी-पानी ने अजीतमल तहसील क्षेत्र में ज्यादा नुकसान किया था। कई गांवों में बिजली के खंभे गिर गए थे। अभी तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। खंभों को बदलने का काम तेजी से चल रहा है। उधर, किसान अपना गल्ला खेत में सुखाने में जुटे हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो-तीन दिन में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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अजीतमल, भीखेपुर, मुरादगंज, फफूंद, बिधूना और अछल्दा में रविवार देर शाम आई आंधी ने खासा नुकसान किया था। तमाम पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए थे। लोगों के टिन टप्पर हवा में उड़ गए थे। मुरादगंज में ढाबे के पास ट्रक पलट गया था। क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। सोमवार देर रात असेनी फीडर शुरू होने से अजीतमल इलाके में आपूर्ति चालू हो गई। पर इस क्षेेत्र के 10 गांव ऐसे हैं जहां आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इसी तरह बिधूना क्षेत्र के आठ गांव में बिजली आपूर्ति चालू नहीं हुई है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता का कहना है कि 60 नए बिजली के पोल आ चुके हैं। जिनको लगवाने का काम किया जा रहा है। दो तीन दिन में बचे हुए गांवों में बिजली की आपूर्ति चालू कर दी जाएगी।
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नुकसान का जायजा लेने पहुंची राजस्व टीम
अजीतमल। तहसील अजीतमल क्षेत्र के भीखेपुर गांव और उसके आसपास क्षेत्र में तीसरे दिन मंगलवार को जनजीवन कुछ पटरी पर आता नजर आया। राजस्व टीम ने नुकसान का जायजा लिया। सोमवार शाम तक अजीतमल बिजली सब स्टेशन पर असेनी से आने वाली सप्लाई को दुरुस्त कर सप्लाई शुरू हो गई लेकिन देवकली फीडर से आने वाली लाइन में टूटे खंभे अभी तक खड़े नहीं हो पाए हैं। जिससे अभी वहां से लाइन दुरुस्त नहीं हो पाई है। क्षति का जायजा लेने अजीतमल तहसील से राजस्व निरीक्षक मुरादंगज शिवलाल, लेखपाल रामचन्द्र, शिवसागर व रामकुमार ने जाकर मौके पर जायजा लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी है। राजस्व टीम के अनुसार भीखेपुर में राधाकृष्ण की एक पक्की दीवार, कपिल का बरामदा, निर्मलचंद्र का छज्जा, प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक व़िद्यालय का गेट वह बाउंड्री गिरकर नष्ट हो गए है। पूठा गांव के राजेश के राजपूत होटल की एक पक्की दीवार, महाराजपुर हैदरपुर गांव में रामसखी का टिन शेड गिरने से दोनों हाथ घायल हो गए थे। राजस्व टीम ने उक्त लोगों के हुए नुकसान की लिस्ट बनाकर के शासन को भेज दी है। एसडीएम विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जल्द ही मुआवजा दिलाया जाएगा।
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दैवी आपदा कोष से चार लाख रुपये की मदद मिली
फफूं द। नवादा गांव में रविवार को आंधी-पानी में 55 वर्षीय वृद्ध की मौत पेड़ से दबकर हो गई थी। डीएम ने दैवी आपदा कोष से चार लाख रुपये नेफ्ट द्वारा मृतक की पत्नी के खाते में पहुंचा दिए हैं। थाना क्षेत्र के ममरेजपुर आल नवादा गांव निवासी परशुराम यादव (55) रविवार को आई तेज आंधी में घर के सामने बगिया में आम के पेड़ के नीचे बंधी बकरियों को खोलने गया था। बगिया में खड़ा आम का पेड़ उसके ऊपर गिर गया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सैफई में उनकी मौत हो गई थी। लेखपाल शेलेन्द्र वर्मा ने दैवी आपदा के तहत शासन से राहत दिलाने की कर्रवाई की थी। डीएम ने मंगलवार को नेफ्ट के माध्यम से मृतक परशुराम की पत्नी ईश्वरी देवी के खाते में चार लाख रुपये भेज दिए हैं। ये जानकारी लेखपाल शेलेन्द्र वर्मा ने दी है।
372 टूटे खंभों के सापेक्ष सिर्फ 52 बिजली के खंभे लगे
दिबियापुर (औरैया)। तीन दिन पहले आई आंधी से कई गांवों में बिजली के तार और खंभे टूट गए थे। इससे दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो गई थी। बिजली वितरण खंड के एक्सईएन दिबियापुर वीपी सिंह का कहना है कि अभी तक उपलब्ध बिजली के खंभे 52 खंभे लगाकर कई मेन लाइन चालू कर दी गई हैं। खंभों की अगली खेप आने पर अन्य टूटे खंभों को बदलवा दिया जाएगा।
रविवार को आंधी में क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के खंभे व पेड़ टूटकर गिर गए। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो गई। आलम यह है कि इन गांवों की बिजली आंधी के तीन दिन बाद भी गुल है। क्षेत्र के लोगों ने जल्द से जल्द बिजली के पोल बदलवाकर बिजली आपूर्ति दुरुस्त किए जाने की मांग की है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रवींद्र बताते हैं कि अघारा में लगभग डेढ़ सौ साल पुराना पीपल का पेड़ समेत अन्य कई पेड़ सड़क पर गिर गए थे। पुराने पीपल के पेड़ को हटवाने के लिए जेसीबी मंगवानी पड़ी थी। अन्य पेड़ों को ग्रामीणों ने स्वयं काट लिया। इसके बाद ही रास्ता साफ हो पाया। बताया कि अंडा, अरियारी एवं अघारा में कुल मिलाकर 25 बिजली के खंभे टूटे हैं।
इसके चलते क्षेत्र के गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। दिबियापुर के विद्युत वितरण खंड के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह का कहना है कि पूरे डिवीजन में कुल 372 बिजली के खंभे टूटे हैं। इनमें से अभी तक स्टोर में मौजूद 52 खंभे लगाए जा चुके हैं। उनकी प्राथमिकता है कि पहले सभी मेन लाइनों के खंभे दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति शुरू कराई जाए। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र की एलटी लाइनों के खंभे, इंसुलेटर एवं तार दुरुस्त कराए जाएंगे। बताया कि एक दो दिन में खंभों की लाट आने की सूचना है। तभी टूटे खंभे बदलवाकर बिजली आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।