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श्रमिक विद्या धन योजना से कामकाजी बच्चों को मिली नहीं दिशा
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औरैया। धन का अभाव एवं आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते कम उम्र में ही कंधों पर परिवार का बोझ लेकर चलने वाले कामकाजी बच्चों के सपनों को अब बाल श्रमिक विद्या योजना पंख लगाएगी। ऐसे किशोर की पढ़ाई के लिए जहां प्रतिमाह एक हजार तो किशोरी के लिए 1200 रुपये का भुगतान विद्यालयों में किया जाएगा। कक्षा आठ, नौ और दस उत्तीर्ण होने पर छह हजार रुपये मिलेंगे।
शासन की ओर से उन होनहारों को शिक्षित कर तरासने का काम करेगी, जिनकी माता-पिता की मृत्यु हो गई है अथवा जो शारीरिक रूप से अक्षम हैं। इसके अलावा परिवार भूमिहीन है और उनके आय के श्रोत नहीं हैं। ऐसे में परिवार की जीविका चलाने के लिए किशोर-किशोरियों को काम करना पड़ता है। ऐसे किशोर-किशोरियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जाएगा।
उन्हें सरकारी अथवा निजी विद्यालयों में दाखिला दिलाने का काम किया जाएगा और प्रतिमाह फीस के रूप में शुल्क भी दिया जाएगा। इसके अलावा कक्षा आठ, नौ और दस में उत्तीर्ण होने पर छह हजार रुपये का भुगतान भी किया जाएगा। जिससे उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आ सके।
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इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेश चंद्र दीक्षित का कहना है कि शासन ने कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए यह योजना शुरू की है। इसकी गाइड लाइन अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसके लिए कुछ आवेदन प्राप्त किए गए हैं। गाइड लाइन मिलने ही इसका क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा।
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शासन की ओर से उन होनहारों को शिक्षित कर तरासने का काम करेगी, जिनकी माता-पिता की मृत्यु हो गई है अथवा जो शारीरिक रूप से अक्षम हैं। इसके अलावा परिवार भूमिहीन है और उनके आय के श्रोत नहीं हैं। ऐसे में परिवार की जीविका चलाने के लिए किशोर-किशोरियों को काम करना पड़ता है। ऐसे किशोर-किशोरियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जाएगा।
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उन्हें सरकारी अथवा निजी विद्यालयों में दाखिला दिलाने का काम किया जाएगा और प्रतिमाह फीस के रूप में शुल्क भी दिया जाएगा। इसके अलावा कक्षा आठ, नौ और दस में उत्तीर्ण होने पर छह हजार रुपये का भुगतान भी किया जाएगा। जिससे उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आ सके।
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इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेश चंद्र दीक्षित का कहना है कि शासन ने कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए यह योजना शुरू की है। इसकी गाइड लाइन अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसके लिए कुछ आवेदन प्राप्त किए गए हैं। गाइड लाइन मिलने ही इसका क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा।