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यू ट्यूब चैनल %ज्ञान का यान’ पर %क्विक क्विज’ बच्चों में प्रायोगिक क्षमता विकसित कर रही
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दिबियापुर (औरैया)। लॉकडाउन अवधि में यू ट्यूब चैनल ‘ज्ञान का यान’ पर ‘क्विक क्विज’ नाम का प्रायोगिक प्रश्न बच्चों में नित्य नए प्रयोग करने की क्षमता विकसित कर रहा है। इसमें घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर वैज्ञानिक प्रयोगों को सिखाया जाता है। यू ट्यूब चैनल संचालित करने वाले राज्य अध्यापक पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक मनीष कुमार ने बताया औरैया जिले के ही शिक्षकों और बच्चों को ही नहीं, बल्कि 18 राज्यों के तमाम शिक्षकों को भी अपना डिजिटल कंटेंट नियमित भेजते हैं।
मनीष कुमार के मुताबिक लॉकडाउन में बच्चों में क्रियात्मक और रचनात्मक कार्य को इससे बढ़ावा मिल रहा है। बच्चों को टीवी पर कार्टून दिखाने के बजाय अभिभावक उनके यू-ट्यूब चैनल पर भेजी गई क्विज दिखाकर रचनात्मकता को बढ़ावा दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके भेजे गए प्रायोगिक प्रश्नों में घरेलू चीजों का प्रयोग कर वैज्ञानिक प्रयोगों को सिखाया जाता है। उनके क्विज की शर्त यही होती है कि बच्चों को ऐसी किसी वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना होता, जिसके लिए घर से बाहर जाना पड़े। केवल किचेन, बाथरूम एवं बेडरूम में उपलब्ध टूथपेस्ट, बाल्टी, मग, साबुन, मेज, कुर्सी, फ्रिज, पंखा, सिलबट्टा, ईंट, पेन, कागज, गेंद, माचिस, सब्जियां आदि सामग्री का प्रयोग होता है।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 1665 में लंदन में प्लेग बीमारी फैली थी। उस समय डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय का लॉकडाउन रहा था। उस अवधि में महान वैज्ञानिक न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण की खोज, कैलकुलस की रचना, प्रकाश का अणुक सिद्धांत आदि खोजें की थीं। बताया कि उनके डिजिटल कंटेंट को केरल, राजस्थान, पंजाब, हिमांचल प्रदेश, मध्यप्रदेश आदि स्थानों के शिक्षक प्रयोग कर रहे हैं।
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मनीष कुमार के मुताबिक लॉकडाउन में बच्चों में क्रियात्मक और रचनात्मक कार्य को इससे बढ़ावा मिल रहा है। बच्चों को टीवी पर कार्टून दिखाने के बजाय अभिभावक उनके यू-ट्यूब चैनल पर भेजी गई क्विज दिखाकर रचनात्मकता को बढ़ावा दे सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके भेजे गए प्रायोगिक प्रश्नों में घरेलू चीजों का प्रयोग कर वैज्ञानिक प्रयोगों को सिखाया जाता है। उनके क्विज की शर्त यही होती है कि बच्चों को ऐसी किसी वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना होता, जिसके लिए घर से बाहर जाना पड़े। केवल किचेन, बाथरूम एवं बेडरूम में उपलब्ध टूथपेस्ट, बाल्टी, मग, साबुन, मेज, कुर्सी, फ्रिज, पंखा, सिलबट्टा, ईंट, पेन, कागज, गेंद, माचिस, सब्जियां आदि सामग्री का प्रयोग होता है।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 1665 में लंदन में प्लेग बीमारी फैली थी। उस समय डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय का लॉकडाउन रहा था। उस अवधि में महान वैज्ञानिक न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण की खोज, कैलकुलस की रचना, प्रकाश का अणुक सिद्धांत आदि खोजें की थीं। बताया कि उनके डिजिटल कंटेंट को केरल, राजस्थान, पंजाब, हिमांचल प्रदेश, मध्यप्रदेश आदि स्थानों के शिक्षक प्रयोग कर रहे हैं।