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पुलिस ने नहीं माना डीएम, एसपी का आदेश

Tue, 03 Apr 2018 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
अमर उजाला ब्यूरो औरैया Updated Tue, 03 Apr 2018 11:38 PM IST
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Police did not consider DM, SP orders
पूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र देने जाते पिता-पुत्र - फोटो : amarujala

औरैया। पुलिस मित्र कहे जाने वाली सदर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली चर्चा में है।डीएम, एसपी के आदेश पर भी कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसकी बानगी मंगलवार को देखने को मिली। तहसील दिवस में पहुंचे पीड़िता के पिता और भाई ने डीएम व एसपी से पुत्री को ससुरालीजनों द्वारा बंधक बनाने की शिकायत पर दिए गए निर्देशों में पुलिस की मनमानी कार्य शैली से पीड़ितों को देर शाम तक कोई न्याय नहीं मिला। थकहार कर पीड़ितों ने सीओ सिटी से न्याय की गुहार लगाई है।

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डीएम श्रीकांत मिश्रा व एसपी नागेश्वर सिंह को तहसील दिवस में दिए प्रार्थना पत्र में पीड़ित पिता अमर सिंह व भाई सुनील कुमार ने बताया कि उसकी बहन शर्मिला की शादी भरसेन गांव निवासी अजमेर उर्फ ब्रजेंद्र कुमार के साथ पंद्रह साल पहले हुई थी। सुनील ने बताया कि उसका बहनोई शराब का लती है। वह हरियाणा सोनीपत में पहले प्राइवेट नौकरी करता था। उसने नौकरी छोड़ दी। जिस पर उसकी बहन शर्मिला प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने को मजबूर हुई।
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बताया कि आए दिन उसका बहनोई शराब के नशे में उसकी बहन को पीटता रहता है। 22 मार्च को ससुर डिप्टी सिंह, सास मोरसखी, देवर उदय सिंह, बाबू, बीर सिंह, अरविंद, धर्मेंद्र एक गाड़ी से पानीपत पहुंचे और उसकी बहन को जबरदस्ती बंधक बनाकर सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भरसेन स्थित ससुराल ले आए। सुनील ने बताया कि इसी बीच उसकी बहन ने रविवार की शाम किसी प्रकार से मौका पाकर मायके फोन करके पूरी जानकारी दी।
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सुनील ने बताया कि जैसे ही उन लोगों को पूरी बात पता चली तो वह सोमवार को उसकी ससुराल पहुंचे। लेकिन ससुरालीजनों ने उन लोगों को मिलने नहीं दिया और उन लोगों को गालीगलौज कर भगा दिया। सुनील ने बताया कि मंगलवार को तहसील दिवस में डीएम व एसपी को शिकायती पत्र दिया। जिस पर एसपी व डीएम ने सदर कोतवाल को मौके पर जाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए।

पीड़ितों का आरोप है कि कोतवाली पुलिस ने उन्हें कोतवाली में बुलाया जहां वह लगभग डेढ़ घंटे बैठे रहे। बताया कि जब पुलिस कोतवाली पहुंची तो उन्होंने बताया कि उसकी बहन को कोई परेशानी नहीं है। सब कुछ ठीक है। पीड़ित भाई का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर उन लोगों की मदद नहीं कर रही है। वहीं सुनील ने बताया कि उन्होंने इस प्रकरण में सीओ सिटी वंदना सिंह को मामले की जानकारी दी। जिस पर उन्होंने सुबह कोतवाली आने पर न्याय का आश्वासन दिया है।


सूचना देने वाले को ही कोतवाली में बिठाया
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिचौली निवासी जीतू सिंह ने बताया कि गांव में सरकारी जमीन के पास कुंआ बना है। जिस पर गांव के ही कुछ दबंग लोग कब्जा कर रहे हैं। इस पर जब उसने मना किया तो उक्त लोग झगड़ा करने पर आमादा हो गए। जीतू ने बताया कि जब  उसने यूपी-100 पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली लेकर पहुंची। जहां पुलिस ने दूसरे पक्ष को तो छोड़ दिया। जबकि उसने सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने की पुलिस से शिकायत की तो उसे ही पुलिस ने बिठा लिया। पीड़ित जीतू ने बताया कि उक्त जमीन खसरा व खतौनी में सरकारी दर्ज है। इसके बावजूद पुलिस उसे गुनहगार बता उसके साथ अन्याय कर रही है। इस मामले में कोतवाली प्रभारी को फोन लगाया तो फोन पर किसी ने बताया गया कि साहब बाथरूम में हैं बाद में बात करेंगे लेकिन फिर बात नहीं की।

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