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Auraiya News: कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति खराब होने पर डीएम ने जताई नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग के निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए 60 दिवसीय गोवंश संरक्षण अभियान की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति खराब होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को अभियान की नियमित समीक्षा कर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि गोचर अभियान के तहत अतिक्रमण मुक्त कराए गए स्थलों को चिह्नित कर चारा आदि बोया जाए। जिससे गोवंशों को हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में रहकर पशुपालन संबंधी कार्य भी नियमित रूप से संपादित करें।
प्रथम गर्भाधान टीकाकरण कार्य को भी लक्ष्य के सापेक्ष सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरते। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान के कार्य में जनपद में संचालित एनजीओ द्वारा कार्य अधिक किया जा रहा है। इससे यह प्रतीत होता है कि पशु विभाग के लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अपने स्तर से प्रतिदिन कार्य की समीक्षा करें और खराब कार्य प्रणाली पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करके अवगत कराएं। इस मौके पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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औरैया। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग के निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए 60 दिवसीय गोवंश संरक्षण अभियान की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति खराब होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को अभियान की नियमित समीक्षा कर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि गोचर अभियान के तहत अतिक्रमण मुक्त कराए गए स्थलों को चिह्नित कर चारा आदि बोया जाए। जिससे गोवंशों को हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में रहकर पशुपालन संबंधी कार्य भी नियमित रूप से संपादित करें।
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प्रथम गर्भाधान टीकाकरण कार्य को भी लक्ष्य के सापेक्ष सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरते। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान के कार्य में जनपद में संचालित एनजीओ द्वारा कार्य अधिक किया जा रहा है। इससे यह प्रतीत होता है कि पशु विभाग के लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अपने स्तर से प्रतिदिन कार्य की समीक्षा करें और खराब कार्य प्रणाली पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करके अवगत कराएं। इस मौके पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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