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घंटों डीएम व एसपी के समझाने पर माने ग्रामीण
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:56 AM IST
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ग्रामीणों से बात करती डीएम माला श्रीवास्तव व एसपी अतुल शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद डीएम और एसपी करीब 10:30 बजे लछियामऊ गांव पहुंच गए। उन्होंने हादसे के बाद से शव रखकर जाम लगाए ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक ग्रामीणों और प्रशासन के बीच चली वार्ता चली। प्रशासन ने मुख्यमंत्री की ओर से घोषित तीन-तीन लाख मुआवजे के अलावा कृषि बीमा से पांच लाख और बिजली विभाग की ओर से एक-एक लाख मुआवजा दिलाने की बात कही। डीएम ने जेई और एक्सईएन को निलंबित करने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण माने। इसके बाद पांचों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
रविवार शाम हुए हादसे के बाद से लछियामऊ के ग्रामीण शव रखकर जाम लगाए थे। इधर सैकड़ों की भीड़ उधर पूरे जिले का फोर्स और आला अधिकारी। मगर ग्रामीणों के गुस्से के आगे प्रशासन बेबस था। अस्वस्थ होने के कारण डीएम रात में मौके पर नही पहुंच पाई। सोमवार सुबह ध्वजारोहण के बाद डीएम गांव पहुंची। डीएम माला श्रीवास्तव के सामने ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। डीएम ने सभी को समझाने का प्रयास किया मगर ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े थे। इसके बाद डीएम ने जिनके पास खेती है उन मृतकों को कृषि बीमा से पांच-पांच लाख रुपये व एक-एक लाख रुपये बिजली विभाग से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीण फिर भी डिंपल यादव को बुलाने और तुरंत मुआवजा की राशि दिलाने की मांग पर अड़े रहै। इसके बाद डीएम ने जब समझाया कि मुआवजा राशि उन्हें बहुत जल्द मिलेगी। बिजली विभाग की लापरवाही पर डीएम ने जेई व एक्सईएन को निलंबित करने की घोषणा की। इसके बाद ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हो गए।
सपा जिलाध्यक्ष ने दो-दो लाख दिलाने का दिया आश्वासन
सपा जिलाध्यक्ष शिवनाथ सिंह यादव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह शासन से बात करके दो-दो लाख रुपये मुआवजा राशि और दिलाने का प्रयास करेंगे।
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पुलिस फोर्स रहा तैनात
शव उठने के बाद भी गांव में पुलिस फोर्स तैनात रहा। सोमवार शाम डीएम, एसपी व एडीएम गांव से चले आए मगर एसडीएम रात तक डटे रहे। वहीं दूसरे दिन भी रात में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
एक साथ पांच अर्थी देख हर आंख नम
पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचे तो फिर से माहौल गमगीन हो गया। गांव में ही पांचों शवों की एक साथ अंत्योष्टि की गई। आसपास कई गांवों के लोग मौजूद रहे। गमगीन माहौल में हर आंख नम दिखाई दी।
मृतक परिजनों को बंधाया ढांढस
डीएम, एसपी के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष शिवनाथ सिंह यादव, ब्लाक प्रमुख सहार पति श्यामबाबू यादव, भीमराव अंबेडकर, रामकुमार अवस्थी, भाजपा नेत्री गीता शाक्य, शिवप्रसाद यादव आदि ने मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाने के साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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रविवार शाम हुए हादसे के बाद से लछियामऊ के ग्रामीण शव रखकर जाम लगाए थे। इधर सैकड़ों की भीड़ उधर पूरे जिले का फोर्स और आला अधिकारी। मगर ग्रामीणों के गुस्से के आगे प्रशासन बेबस था। अस्वस्थ होने के कारण डीएम रात में मौके पर नही पहुंच पाई। सोमवार सुबह ध्वजारोहण के बाद डीएम गांव पहुंची। डीएम माला श्रीवास्तव के सामने ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। डीएम ने सभी को समझाने का प्रयास किया मगर ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े थे। इसके बाद डीएम ने जिनके पास खेती है उन मृतकों को कृषि बीमा से पांच-पांच लाख रुपये व एक-एक लाख रुपये बिजली विभाग से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीण फिर भी डिंपल यादव को बुलाने और तुरंत मुआवजा की राशि दिलाने की मांग पर अड़े रहै। इसके बाद डीएम ने जब समझाया कि मुआवजा राशि उन्हें बहुत जल्द मिलेगी। बिजली विभाग की लापरवाही पर डीएम ने जेई व एक्सईएन को निलंबित करने की घोषणा की। इसके बाद ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हो गए।
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सपा जिलाध्यक्ष ने दो-दो लाख दिलाने का दिया आश्वासन
सपा जिलाध्यक्ष शिवनाथ सिंह यादव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह शासन से बात करके दो-दो लाख रुपये मुआवजा राशि और दिलाने का प्रयास करेंगे।
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पुलिस फोर्स रहा तैनात
शव उठने के बाद भी गांव में पुलिस फोर्स तैनात रहा। सोमवार शाम डीएम, एसपी व एडीएम गांव से चले आए मगर एसडीएम रात तक डटे रहे। वहीं दूसरे दिन भी रात में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
एक साथ पांच अर्थी देख हर आंख नम
पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचे तो फिर से माहौल गमगीन हो गया। गांव में ही पांचों शवों की एक साथ अंत्योष्टि की गई। आसपास कई गांवों के लोग मौजूद रहे। गमगीन माहौल में हर आंख नम दिखाई दी।
मृतक परिजनों को बंधाया ढांढस
डीएम, एसपी के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष शिवनाथ सिंह यादव, ब्लाक प्रमुख सहार पति श्यामबाबू यादव, भीमराव अंबेडकर, रामकुमार अवस्थी, भाजपा नेत्री गीता शाक्य, शिवप्रसाद यादव आदि ने मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाने के साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया।