{"_id":"6ad2737d2c05d45f1f023b39","slug":"dispute-over-compensation-following-sons-death-auraiya-news-c-211-1-aur1024-153426-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: बेटे की मौत के बाद मुआवजे पर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: बेटे की मौत के बाद मुआवजे पर विवाद
विज्ञापन
अजीतमल। विद्युत दुर्घटना में बेटे की मौत के बाद मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि को लेकर परिवार में विवाद बढ़ गया। सबलपुर गांव निवासी वसीर खां ने अपने दिवंगत पुत्र सद्दाम हुसैन की क्षतिपूर्ति राशि पर दावा करते हुए तहसीलदार, एसडीएम व बीडीओ को अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपे हैं। उन्होंने बेटे की तलाकशुदा पत्नी के दावे पर आपत्ति जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने व नियमानुसार पात्र व्यक्ति को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
वसीर खां के अनुसार उनके पुत्र सद्दाम हुसैन की 20 सितंबर को विद्युत दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद क्षतिपूर्ति राशि के लिए आवेदन किया गया। पिता का दावा है कि सद्दाम हुसैन व उनकी पत्नी शहनाज बेगम के बीच वर्ष 2019 में तलाक हो चुका था। उन्होंने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि तलाक के समय मेहर की धनराशि और दहेज में दिए गए सामान को लेकर समझौता हो गया था। पिता ने अपने प्रार्थना पत्रों में परिवार रजिस्टर, मतदाता पहचान पत्र व बैंक खाते से संबंधित अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा है कि इनमें शहनाज बेगम का नाम दर्ज नहीं है। आशंका जताई है कि उनके दिवंगत पुत्र की क्षतिपूर्ति राशि तलाकशुदा पत्नी को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी को लेकर उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए तलाकशुदा पत्नी के दावे पर आपत्ति दर्ज कराई है। वसीर खां ने तीनों अधिकारियों से उपलब्ध दस्तावेजों और मामले के सभी तथ्यों की जांच कराने के बाद नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है। अब इस मामले में क्षतिपूर्ति राशि पर किसका अधिकार बनता है यह संबंधित योजना के नियमों, वैधानिक पात्रता व प्रस्तुत अभिलेखों की जांच के आधार पर तय होगा।
विज्ञापन
वसीर खां के अनुसार उनके पुत्र सद्दाम हुसैन की 20 सितंबर को विद्युत दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद क्षतिपूर्ति राशि के लिए आवेदन किया गया। पिता का दावा है कि सद्दाम हुसैन व उनकी पत्नी शहनाज बेगम के बीच वर्ष 2019 में तलाक हो चुका था। उन्होंने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि तलाक के समय मेहर की धनराशि और दहेज में दिए गए सामान को लेकर समझौता हो गया था। पिता ने अपने प्रार्थना पत्रों में परिवार रजिस्टर, मतदाता पहचान पत्र व बैंक खाते से संबंधित अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा है कि इनमें शहनाज बेगम का नाम दर्ज नहीं है। आशंका जताई है कि उनके दिवंगत पुत्र की क्षतिपूर्ति राशि तलाकशुदा पत्नी को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी को लेकर उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए तलाकशुदा पत्नी के दावे पर आपत्ति दर्ज कराई है। वसीर खां ने तीनों अधिकारियों से उपलब्ध दस्तावेजों और मामले के सभी तथ्यों की जांच कराने के बाद नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है। अब इस मामले में क्षतिपूर्ति राशि पर किसका अधिकार बनता है यह संबंधित योजना के नियमों, वैधानिक पात्रता व प्रस्तुत अभिलेखों की जांच के आधार पर तय होगा।
विज्ञापन