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शासन से सुविधाओं के नाम पर मिला केवल आश्वासन
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औरैया। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के निर्देशन पर आठ सूत्री मांगों को लेकर 16वें दिन भी धरना देकर कार्य बहिष्कार किया। एडीएम की अपील का लेखपालों पर कोई असर नहीं दिखा। लेखपालों ने पलटवार कर सरकार पर ठीक ढंग से सुविधाएं न देने का आरोप लगाया है।
कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि स्मार्टफोन और लैपटॉप बड़ी मुश्किल से शासन से प्राप्त हुए थे, लेकिन इनकी गुणवत्ता खासी खराब है। इनसे सरकारी कामकाज करना मुश्किल हो रहा है। एक लाख रुपये से तहसीलवार लेखपालों के लिए फर्नीचर व अन्य सामान आदि की सुविधा देने की बात भी बेमानी है। जिले की किसी भी तहसील को अभी तक इस धनराशि से कोई काम नहीं हुआ। पांच रुपये प्रति आय, जाति, मूल निवासी प्रमाणपत्रों आदि के लिए मिलने वाली धनराशि अभी तक मुहैया नहीं कराई गई है। किसान सम्मान निधि में प्रति किसान मिलने वाली धनराशि का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। समस्याओं का समाधान न होने तक वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इस मौके पर अवधेश कुमार, अशोक कुमार दोहरे, प्रदीप जादौन, शैलेंद्र वर्मा, क्षमानंद आदि लेखपाल मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि स्मार्टफोन और लैपटॉप बड़ी मुश्किल से शासन से प्राप्त हुए थे, लेकिन इनकी गुणवत्ता खासी खराब है। इनसे सरकारी कामकाज करना मुश्किल हो रहा है। एक लाख रुपये से तहसीलवार लेखपालों के लिए फर्नीचर व अन्य सामान आदि की सुविधा देने की बात भी बेमानी है। जिले की किसी भी तहसील को अभी तक इस धनराशि से कोई काम नहीं हुआ। पांच रुपये प्रति आय, जाति, मूल निवासी प्रमाणपत्रों आदि के लिए मिलने वाली धनराशि अभी तक मुहैया नहीं कराई गई है। किसान सम्मान निधि में प्रति किसान मिलने वाली धनराशि का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। समस्याओं का समाधान न होने तक वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
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इस मौके पर अवधेश कुमार, अशोक कुमार दोहरे, प्रदीप जादौन, शैलेंद्र वर्मा, क्षमानंद आदि लेखपाल मौजूद रहे।