{"_id":"61a5071d1d9b47392c2ccaf5","slug":"dead-auraiya-karant-auraiya-news-knp6667672181","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली के खंभे में उतरे करंट से शिक्षक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली के खंभे में उतरे करंट से शिक्षक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुरुगंज (औरैया)। बिधूना कोतवाली क्षेत्र के कस्बा रुरुगंज में सोमवार सुबह खेत पर पानी लगाने जा रहे शिक्षक की बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। जानकारी पर आक्रोशित ग्रामीण हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
रुरुगंज के पुर्वा पीताराम निवासी हरिओम सिंह (36) पुत्र जसवंत लाल वर्मा कस्बे के जनता इंटर कालेज में शिक्षक थे। सोमवार सुबह लगभग पांच बजे वह अपने खेत में फसल में पानी लगाने गए थे। तभी नलकूप के पास लगे एक विद्युत पोल में उतरे करंट की चपेट में आ गए। हरिओम के चीखने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े। खंभे के पास हरिओम को जमीन पर पड़ा देखा। ग्रामीणों के पहुंचने से पहले हरिओम की मौत हो चुकी थी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए आक्रोश जताया।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई हरगोविंद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हरिओम की मौत की खबर मिलते ही परिजन बिलख पड़े। मृतक के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। हरिओम की शादी वर्ष 2008 में हुई थी। बिजली विभाग के जेई प्रदीप कुमार का कहना है कि विभाग को बिना बताए हाईटेंशन लाइन में काम कर रहे थे। जिस वजह से हादसा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रुरुगंज के पुर्वा पीताराम निवासी हरिओम सिंह (36) पुत्र जसवंत लाल वर्मा कस्बे के जनता इंटर कालेज में शिक्षक थे। सोमवार सुबह लगभग पांच बजे वह अपने खेत में फसल में पानी लगाने गए थे। तभी नलकूप के पास लगे एक विद्युत पोल में उतरे करंट की चपेट में आ गए। हरिओम के चीखने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े। खंभे के पास हरिओम को जमीन पर पड़ा देखा। ग्रामीणों के पहुंचने से पहले हरिओम की मौत हो चुकी थी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए आक्रोश जताया।
विज्ञापन
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई हरगोविंद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हरिओम की मौत की खबर मिलते ही परिजन बिलख पड़े। मृतक के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। हरिओम की शादी वर्ष 2008 में हुई थी। बिजली विभाग के जेई प्रदीप कुमार का कहना है कि विभाग को बिना बताए हाईटेंशन लाइन में काम कर रहे थे। जिस वजह से हादसा हुआ है।
विज्ञापन