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गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने लगाई यमुना में डुबकी
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अटसू/अयाना (औरैया)। गंगा दशहरा पर सोमवार को पचनद में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने पचनद पर स्नान कर भगवान शिव की आराधना कर परिवार की खुशहाली की कामना की। साथ ही वैश्विक महामारी से लोगों को बचाने की प्रार्थना की। वहीं, मंदिरों में ताला बंद होने से लोग बाहर से ही मत्था टेककर लौट गए।
सोमवार को तड़के से ही यमुना, चंबल, सिंध, पहुज और क्वारी नदी के पवित्र संगम स्थल पर स्नान करने वाले पहुंचने लगे थे। स्नान करने के बाद दान-पुण्य कर भगवान नीलकंठ महादेव की आराधना की। पचनद पर तड़के से लेकर दोपहर तक महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।
श्रीमद्भागवत कथा वाचक पं.अरविंद द्विवेदी ने बताया कि यह स्थान प्राचीन समय से ही पवित्र है। यहां श्रीराम चरित मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास ने कुछ समय व्यतीत किया था।
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सोमवार को तड़के से ही यमुना, चंबल, सिंध, पहुज और क्वारी नदी के पवित्र संगम स्थल पर स्नान करने वाले पहुंचने लगे थे। स्नान करने के बाद दान-पुण्य कर भगवान नीलकंठ महादेव की आराधना की। पचनद पर तड़के से लेकर दोपहर तक महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।
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श्रीमद्भागवत कथा वाचक पं.अरविंद द्विवेदी ने बताया कि यह स्थान प्राचीन समय से ही पवित्र है। यहां श्रीराम चरित मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास ने कुछ समय व्यतीत किया था।
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