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घर पर ही इबादत कर, करें दुआ-मग़फिरत
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फफूंद (औरैया)। शब-ए-बरात पर गुरुवार को घर पर ही इबादत करें। यह अपील लॉकडाउन के चलते शहर काजी औरैया सैयद गुलाम अब्दुस्समद मियां चिश्ती ने की है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में घर से बाहर न निकलें। सभी लोगों से घर में रहकर ही शब-ए-बरात मनाने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
शहर काजी औरैया सैयद गुलाम अब्दुस्समद चिश्ती ने बताया के 9 अप्रैल जुमेरात के दिन शाबान की 14 तारीख है। सूरज डूबने के बाद 15 तारीख हो जाएगी। यही वह रात है, जिसे शब-ए-बरात कहा जाता है। इसका मतलब होता है छुटकारे और निजात वाली रात।
शहर काजी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने मोहल्ले या पड़ोस में रहने वाले गरीब मोहताज लोगों की मदद जरूर करें। अपनी हैसियत के मुताबिक उनके राशन पानी का इंतजाम करें। लेकिन किसी भी तरह का फोटो और वीडियो न बनाएं।
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शहर काजी औरैया सैयद गुलाम अब्दुस्समद चिश्ती ने बताया के 9 अप्रैल जुमेरात के दिन शाबान की 14 तारीख है। सूरज डूबने के बाद 15 तारीख हो जाएगी। यही वह रात है, जिसे शब-ए-बरात कहा जाता है। इसका मतलब होता है छुटकारे और निजात वाली रात।
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शहर काजी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने मोहल्ले या पड़ोस में रहने वाले गरीब मोहताज लोगों की मदद जरूर करें। अपनी हैसियत के मुताबिक उनके राशन पानी का इंतजाम करें। लेकिन किसी भी तरह का फोटो और वीडियो न बनाएं।
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