फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   cultural

कार्तिक पूर्णिमा पर पचनद पर दिखेगा महामृत्यंजय यंत्र

Tue, 12 Nov 2019 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 12:18 AM IST
विज्ञापन
cultural
अजीतमल (औरैया)। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को पचनद पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगी। यहां यमुना, चंबल, क्वारी, सिंध, पहुंच पांच नदियों का संगम है, इसलिए इसे पंचनद कहा जाता है। औरैया, इटावा, भिंड एवं जालौन चार जिलों के मध्य में स्थित पचनद पर दूर-दूर से लोग स्नान करने आते हैं।
विज्ञापन

पुराणों में पचनद क्षेत्र को सुदर्शन तीर्थ कहा गया है, जहां पचनद के जल में खड़े होकर भगवान विष्णु ने आदि शक्ति माहेश्वरी को प्रसन्न कर सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। जनश्रुति है कि द्वापर युग में पांडवों ने यहां अज्ञातवास की अवधि बिताई थी। पूजा के लिए महारानी द्रोपदी के लिए भगवान ओमकारेश्वर एवं महाकालेश्वर के दो शिवलिंग पचनद में स्थापित किए। आज भी मानता है कि कुंवारी कन्या कार्तिक माह में पचनद के जल में स्नान करके इन शिवलिंग पर जलाभिषेक करती है तो उन्हें मन वांछित वर प्राप्त होता है।
विज्ञापन

एक कथा यह भी है कि दानवराज दनू के पुत्रों रम्य व करम्य ने ब्रह्मा जी के कहने पर पचनद में तपस्या की। करम्य ने पचनद के जल में एक पैर पर खड़े होकर तपस्या की तो रम्य आम की लकड़ी जलाकर उसके मध्य बैठकर तपस्या की। तब इंद्र ने मगर के रूप में कर्म का पैर पकड़कर गहरे कूप में ले जाकर उसका वध कर दिया। तब रम्य ने दुखी होकर आग में जलने का प्रयास किया। इस पर ब्रह्मा जी ने दर्शन देकर वर मांगने को कहा तो पहले वर में अपने भाई की अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए प्रार्थना की, तब ब्रह्माजी ने अपने कमंडल का जल को संगम में डाल दिया। इसके प्रभाव से आज भी कार्तिक पूर्णिमा में सूर्योदय एवं सूर्यास्त पर जल में डुबकी लगाने पर चारों ओर महामृत्युंजय यंत्र दिखाई देता है। जिसके प्रभाव से अकाल मृत्यु नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed