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पुलिस की छापामारी के दौरान गर्भवती की मौत

Wed, 26 Jul 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला, औरैया
अमर उजाला, औरैया Updated Wed, 26 Jul 2017 11:30 PM IST
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Pregnant death during police raids
पुलिस की ओर से घर में घुसकर तोड़े गए सामान दिखाती महिलाएं। - फोटो : amar ujala
जुआरियों के पथराव से दरोगा के घायल होने के बाद मंगलवार देर रात आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस ने दलेलनगर में कहर बरपा दिया। एक-एक घर में छापामारी कर दो दर्जन से ज्यादा लोगों को धर दबोचा। इस दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। पहले गांववालों ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से महिला की मौत हुई है। कई घरों में तोड़फोड़ भी की गई। वे रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो उन्हें भगा दिया गया, लेकिन बाद में कोई भी इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। गांव में फोर्स तैनात है। शाम को पुलिस ने कुछ लोगों को छोड़ भी दिया। इस बाबत एसपी ने कहा कि महिला की मौत गर्भपात के बाद अधिक खून बह जाने से हुई है।
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दलेल नगर में सोमवार को प्रतिबंधित जानवरों के आने की सूचना पर पहुंची पुलिस पर पथराव हुआ था। इसके बाद मंगलवार को जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस पर भी ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिसमें चौकी प्रभारी उमेश कुमार घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने 26 नामजद व 200 अज्ञात के खिलाफ पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की और चौकी प्रभारी को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मंगलवार देर रात फोर्स दलेल नगर पहुंची।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने जमकर कहर बरपाया। कई घरों के दरवाजे तोड़ दिए। कमरों में भी तोड़फोड़ की। महिलाओं और बच्चों तक को जमकर पीटा। पुलिस ने नामजद फरमान उर्फ टैनी के घर का मेनगेट तोड़ दिया। इसके बाद उसे धर दबोचा। उसकी गर्भवती भतीजी शबाना (32) पत्नी शम्मा व उसकी बहन मुस्कान एवं खुशबू की भी पिटाई कर दी। खुशबू और मुस्कान भाग कर छत पर चढ़ गईं। गिर पड़ने से शबाना नीचे ही रह गई। पुलिस के जाने के बाद परिजनों ने शबाना को उठाना चाहा तो उसकी मौत हो चुकी थी।
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इसके बाद पुलिस ने फिरोज के घर में तोड़फोड़ की। इस दौरान दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अन्य लोगों को भी जमकर पीटा गया। इन लोगों ने पुलिस पर लूटपाट का भी आरोप लगाया। जब वे पुलिस के खिलाफ अजीतमल थाने में शिकायत करने गए तो उन्हें भगा दिया गया और जेल भेजने की धमकी दी गई। गांव में दहशत का माहौल है। इस संबंध में एसपी संजीव त्यागी का कहना है कि नामजद लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश दी थी। सभी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। महिला का पहले ही गर्भपात हो गया था। अधिक रक्तस्त्राव से उसकी मौत हुई है। इस संबंध में उसके पति ने लिखकर भी दे दिया है। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप गलत है। एसडीएम अजीतमल के सामने भी महिला के परिजनों ने बयान दिए हैं।


ग्रामीणों की मानें तो महिला की मौत के बाद पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच पंचायत हुई। गांववाले पहले तो पुलिस की पिटाई से मौत की बात पर अड़े रहे, लेकिन बाद में समझौता होने पर महिला के परिजनों ने पुलिस को गर्भपात होने की बात लिख कर दे दी। इसके बाद हिरासत में लिए गए 17 लोगों को  पुलिस ने छोड़ दिया। कुछ अभी भी हिरासत में हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
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