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दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने कोतवाली अजीतमल क्षेत्र के ग्राम बिलावा में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या में दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी दिया है।
अभियोजन के अनुसार 24 अक्तूबर 2006 को पूर्व प्रधान बिलावा श्यामकिशोर त्रिपाठी ने थाना अजीतमल में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी भाभी प्रधान हैं। भाभी के कहने पर वह व उसका भतीजा अनुराग व बड़ा भाई उमाशंकर मोहल्ले में खराब नल देखने गए थे।
वहां पर धर्मेंद्र व महेंद्र पुत्रगण होती लाल पांडेय व अखिलेश पुत्र सत्यनरायन व फूल सिंह पुत्र मोतीलाल मिले। धमेंद्र अपने पास की पुलिया बनवाने की बात को लेकर गालीगलौज करने लगा। फूल सिंह से उन लोगों की पुरानी रंजिश थी।
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उसी के कहने पर ये लोग अद्धी बंदूक, लाठी व ईंट लेकर आए और हमला बोल दिया। फायरिंग से अनुराग के पेट में गोली लगी, जिसे इटावा अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धारा 302 का यह मामला धर्मेंद्र, महेंद्र और अखिलेश पर चला। विचारण के दौरान धर्मेंद्र की मृत्यु हो गई। महेंद्र व फूल सिंह निवासी बिलावा पर मुकदमा जिला जज की कोर्ट में चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, हृदय नरायन पांडेय और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने महेंद्र व फूल सिंह को हत्या का दोषी माना व उन्हें आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
अर्थदंड में से 80 प्रतिशत बतौर हर्जा मृतक के पिता पीड़ित को देय होगा। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा की व्यवस्था नहीं की गई, बल्कि अवधि समाप्त होने के पश्चात अर्थदंड की वसूली कलेक्टर के द्वारा करने का आदेश दिया गया।
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अभियोजन के अनुसार 24 अक्तूबर 2006 को पूर्व प्रधान बिलावा श्यामकिशोर त्रिपाठी ने थाना अजीतमल में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी भाभी प्रधान हैं। भाभी के कहने पर वह व उसका भतीजा अनुराग व बड़ा भाई उमाशंकर मोहल्ले में खराब नल देखने गए थे।
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वहां पर धर्मेंद्र व महेंद्र पुत्रगण होती लाल पांडेय व अखिलेश पुत्र सत्यनरायन व फूल सिंह पुत्र मोतीलाल मिले। धमेंद्र अपने पास की पुलिया बनवाने की बात को लेकर गालीगलौज करने लगा। फूल सिंह से उन लोगों की पुरानी रंजिश थी।
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उसी के कहने पर ये लोग अद्धी बंदूक, लाठी व ईंट लेकर आए और हमला बोल दिया। फायरिंग से अनुराग के पेट में गोली लगी, जिसे इटावा अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धारा 302 का यह मामला धर्मेंद्र, महेंद्र और अखिलेश पर चला। विचारण के दौरान धर्मेंद्र की मृत्यु हो गई। महेंद्र व फूल सिंह निवासी बिलावा पर मुकदमा जिला जज की कोर्ट में चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, हृदय नरायन पांडेय और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने महेंद्र व फूल सिंह को हत्या का दोषी माना व उन्हें आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
अर्थदंड में से 80 प्रतिशत बतौर हर्जा मृतक के पिता पीड़ित को देय होगा। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा की व्यवस्था नहीं की गई, बल्कि अवधि समाप्त होने के पश्चात अर्थदंड की वसूली कलेक्टर के द्वारा करने का आदेश दिया गया।