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पीड़ित को परिजनों समेत कोतवाली में बिठाने को लेकर इंस्पेक्टर पर रिपोर्ट दर्ज
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औरैया। ग्राम पढ़ीन निवासी एक महिला को सास की हत्या में कोतवाली में बिठाकर छोड़ने के लिए दो लाख रुपये मांगने के आरोप पर शनिवार को क्राइम इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सदर कोतवाली पुलिस के मुताबिक ग्राम पढ़ीन निवासी देवकी पत्नी धर्मेंद्र सिंह ने क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार द्वारा सास की हत्या में निर्दोष होने के बावजूद तीसरे दिन छोड़े जाने की शिकायत आईजी जोन कानपुर से की थी। शिकायती पत्र में महिला ने आरोप लगाया था कि क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार द्वारा छोड़ने के नाम पर उससे दो लाख रुपये की मंाग की। इस दौरान उन्होंने 70 हजार रुपये भी ले लिए थे। देवकी ने आरोप लगाया कि बाकी के रुपये न देने पर क्राइम इंस्पेक्टर ने उन्हें बेवजह कोतवाली में रोके रखा। पीड़िता ने जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह के साथ कानपुर के आईजी जोन से सात मई को शिकायत की थी। आईजी के आदेश पर मामले की जांच औरैया के एएसपी कमलेश दीक्षित को सौंपी गई थी। आईजी जोन द्वारा कार्रवाई के चंद घंटों बाद ही क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने सेवानिवृत्ति दिए जाने का प्रार्थना पत्र दे दिया था। एसपी ने क्राइम इंस्पेक्टर के प्रार्थना पत्र की भी जांच एएसपी को सौंप दी थी।
एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर की गई जांच के बाद क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार के खिलाफ 7/13(1) भ्रष्टाचार व 342 आईपीसी बेवजह कोतवाली में बिठाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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सदर कोतवाली पुलिस के मुताबिक ग्राम पढ़ीन निवासी देवकी पत्नी धर्मेंद्र सिंह ने क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार द्वारा सास की हत्या में निर्दोष होने के बावजूद तीसरे दिन छोड़े जाने की शिकायत आईजी जोन कानपुर से की थी। शिकायती पत्र में महिला ने आरोप लगाया था कि क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार द्वारा छोड़ने के नाम पर उससे दो लाख रुपये की मंाग की। इस दौरान उन्होंने 70 हजार रुपये भी ले लिए थे। देवकी ने आरोप लगाया कि बाकी के रुपये न देने पर क्राइम इंस्पेक्टर ने उन्हें बेवजह कोतवाली में रोके रखा। पीड़िता ने जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह के साथ कानपुर के आईजी जोन से सात मई को शिकायत की थी। आईजी के आदेश पर मामले की जांच औरैया के एएसपी कमलेश दीक्षित को सौंपी गई थी। आईजी जोन द्वारा कार्रवाई के चंद घंटों बाद ही क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने सेवानिवृत्ति दिए जाने का प्रार्थना पत्र दे दिया था। एसपी ने क्राइम इंस्पेक्टर के प्रार्थना पत्र की भी जांच एएसपी को सौंप दी थी।
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एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर की गई जांच के बाद क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार के खिलाफ 7/13(1) भ्रष्टाचार व 342 आईपीसी बेवजह कोतवाली में बिठाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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