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युवक की हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास
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औरैया। अछल्दा में साढ़े छह वर्ष पहले एक युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले तीन दोषियों को जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गांव बिचौलिया निवासी आशाराम पुत्र स्व. रामसनेही यादव ने अछल्दा थाना में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसका छोटा भाई मंशाराम उर्फ भूरे (21) नहर बाजार अछल्दा में मानसिंह यादव की आटा चक्की पर मजदूरी करता था। वह मजदूरी का रुपया बहन की शादी करने के लिए मानसिंह के लड़के वीरेश उर्फ बाबा के पास जमा करता था। इसके चलते उसका घर के अंदर आना-जाना था। उसके घर आने जाने को लेकर वीरेश अपनी पत्नी और मंशाराम के ऊपर शक करने लगा।
इसी शक के चलते पांच नवंबर 2012 की शाम पांच बजे वीरेश उर्फ बाबा ने मंशाराम उर्फ भूरे को अपने घर बुलाया तथा योजनाबद्ध तरीके से अपने दो साथियों के साथ बाइक से घसारा तक छोड़ने की बात कहकर भेज दिया और स्वयं उनके पीछे दूसरी बाइक से खुद भी गया। वीरेश और उसके दोनों साथियों ने उसके भाई मंशाराम उर्फ भूरे की हरनारायनपुर गांव की ओर जाने वाले कच्चे मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी और भाग गए।
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रिपोर्ट के आधार पर वीरेश उर्फ बाबा पुत्र मान सिंह यादव, संजय उर्फ डब्बू पुत्र स्व. तेज प्रताप सिंह यादव व अमन सिंह उर्फ मंगू पुत्र स्व. मंगल सिंह ठाकुर के विरुद्ध आरोप पत्र जनपद न्यायालय में प्रस्तुत हुआ। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने वीरेश उर्फ बाबा, संजय उर्फ डब्बू तथा अमन सिंह उर्फ मंगू को आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अमन सिंह उर्फ मंगू को आयुध अधिनियम की धारा 25 में तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड की राशि राजस्व के बकाया की भांति वसूली होगी। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि अर्थदंड की राशि वसूल होने पर 80 फीसदी राशि वादी मुकदमा को बतौर प्रतिकर देय होगी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गांव बिचौलिया निवासी आशाराम पुत्र स्व. रामसनेही यादव ने अछल्दा थाना में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसका छोटा भाई मंशाराम उर्फ भूरे (21) नहर बाजार अछल्दा में मानसिंह यादव की आटा चक्की पर मजदूरी करता था। वह मजदूरी का रुपया बहन की शादी करने के लिए मानसिंह के लड़के वीरेश उर्फ बाबा के पास जमा करता था। इसके चलते उसका घर के अंदर आना-जाना था। उसके घर आने जाने को लेकर वीरेश अपनी पत्नी और मंशाराम के ऊपर शक करने लगा।
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इसी शक के चलते पांच नवंबर 2012 की शाम पांच बजे वीरेश उर्फ बाबा ने मंशाराम उर्फ भूरे को अपने घर बुलाया तथा योजनाबद्ध तरीके से अपने दो साथियों के साथ बाइक से घसारा तक छोड़ने की बात कहकर भेज दिया और स्वयं उनके पीछे दूसरी बाइक से खुद भी गया। वीरेश और उसके दोनों साथियों ने उसके भाई मंशाराम उर्फ भूरे की हरनारायनपुर गांव की ओर जाने वाले कच्चे मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी और भाग गए।
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रिपोर्ट के आधार पर वीरेश उर्फ बाबा पुत्र मान सिंह यादव, संजय उर्फ डब्बू पुत्र स्व. तेज प्रताप सिंह यादव व अमन सिंह उर्फ मंगू पुत्र स्व. मंगल सिंह ठाकुर के विरुद्ध आरोप पत्र जनपद न्यायालय में प्रस्तुत हुआ। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने वीरेश उर्फ बाबा, संजय उर्फ डब्बू तथा अमन सिंह उर्फ मंगू को आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अमन सिंह उर्फ मंगू को आयुध अधिनियम की धारा 25 में तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड की राशि राजस्व के बकाया की भांति वसूली होगी। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि अर्थदंड की राशि वसूल होने पर 80 फीसदी राशि वादी मुकदमा को बतौर प्रतिकर देय होगी।