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हीरा कारीगर की हत्या से तनाव, पीएसी तैनात
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:08 AM IST
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माधौगढ़। सिरसा दोगढ़ी गांव में हीरा कारीगर को बंधक बनाकर गोली मारकर हत्या करने के बाद गांव में तनाव है। इसको देखते हुए शुक्रवार को गांव में एक बटालियन पीएसी तैनात कर दी गई। साथ ही परिजनों ने रिटायर्ड फौजी समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। हत्या का मुख्य आरोपी सोनू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश जारी है।
बता दें कि सिरसा दोगढ़ी गांव में छुट्टी पर घर आए हीरा कारीगर रोहित सिंह (19) पुत्र ब्रह्मदीन की गांव के रिटायर्ड फौजी शैलेंद्र सिंह परिहार पुत्र वीर बहादुर सिंह के घर में गांव के रणवेंद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह ने ले जाकर उसे चारपाई पर बांध कर गोलियों से भून हत्या कर दी थी। घटना से गांव में दहशत फैल गई थी। हत्या के वक्त वहां पर शैलेंद्र व सोनू के अलावा गांव का विश्वनाथ पुत्र उदयपाल सिंह व कल्लू पुत्र शेरू सिंह भी वहां मौजूद था। पुलिस ने मौके से शैलेंद्र व विश्वनाथ को पकड़ लिया था।
वहीं सोनू व कल्लू फरार हो गए थे। शुक्रवार को गांव में घटना को लेकर तनाव की स्थिति देखते हुए एक बटालियन पीएसी बल व कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई। परिजनों व ग्रामीणों में घटना को लेकर काफी आक्रोश है। उधर हत्या का मुख्य आरोपी सोनू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाई गई टीमें बराबर क्षेत्र में दबिश दे रही है।
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हालांकि अभी कोई सुराग नहीं मिले है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर गांव में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह का माहौल न बिगडने पाए इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली थी। इसके अलावा परिजनों ने गांव के रिटायर्ड फौजी शैलेंद्र, सोनू व विश्वनाथ के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। तहरीर पर पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस सोनू को न करती नजरंदाज तो बच जाता रोहित
रोहित की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी रणवेंद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह सालों से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता आ रहा है। इसके बावजूद पुलिस इसे नजरंदाज करती रही। अगर पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई करती तो शायद आज रोहित जिंदा होता। तीन माह पहले सोनू छेड़खानी के एक मामले में पकड़ा गया था। उसके साथी विश्वनाथ के रिश्तेदार नेता की सिफारिश पर उसे छोड़ा गया था। इससे पहले भी सोनू को 2015 में कोंच के कमसेरा रोड पर खसीस के पास लूट की योजना बनाते तमंचा समेत पकड़ा गया था। जेल से छूटने के बाद 2016 में उसे एक युवती से छेड़खानी की थी। इसका विरोध करने वाले युवती के पिता को उसने बेरहमी से पीटा था, जोकि आज तक विकलांग है। 2017 में रक्षाबंधन के त्योहार पर वह भैंस चोरी करते पकड़ा गया था। अगर पुलिस इन सब मामलों में इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करती तो वह इस हत्या को अंजाम न दे पाता।
परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर
मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दें कि सिरसा दोगढ़ी गांव में छुट्टी पर घर आए हीरा कारीगर रोहित सिंह (19) पुत्र ब्रह्मदीन की गांव के रिटायर्ड फौजी शैलेंद्र सिंह परिहार पुत्र वीर बहादुर सिंह के घर में गांव के रणवेंद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह ने ले जाकर उसे चारपाई पर बांध कर गोलियों से भून हत्या कर दी थी। घटना से गांव में दहशत फैल गई थी। हत्या के वक्त वहां पर शैलेंद्र व सोनू के अलावा गांव का विश्वनाथ पुत्र उदयपाल सिंह व कल्लू पुत्र शेरू सिंह भी वहां मौजूद था। पुलिस ने मौके से शैलेंद्र व विश्वनाथ को पकड़ लिया था।
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वहीं सोनू व कल्लू फरार हो गए थे। शुक्रवार को गांव में घटना को लेकर तनाव की स्थिति देखते हुए एक बटालियन पीएसी बल व कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई। परिजनों व ग्रामीणों में घटना को लेकर काफी आक्रोश है। उधर हत्या का मुख्य आरोपी सोनू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाई गई टीमें बराबर क्षेत्र में दबिश दे रही है।
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हालांकि अभी कोई सुराग नहीं मिले है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर गांव में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह का माहौल न बिगडने पाए इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली थी। इसके अलावा परिजनों ने गांव के रिटायर्ड फौजी शैलेंद्र, सोनू व विश्वनाथ के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। तहरीर पर पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस सोनू को न करती नजरंदाज तो बच जाता रोहित
रोहित की हत्या करने वाला मुख्य आरोपी रणवेंद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह सालों से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता आ रहा है। इसके बावजूद पुलिस इसे नजरंदाज करती रही। अगर पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई करती तो शायद आज रोहित जिंदा होता। तीन माह पहले सोनू छेड़खानी के एक मामले में पकड़ा गया था। उसके साथी विश्वनाथ के रिश्तेदार नेता की सिफारिश पर उसे छोड़ा गया था। इससे पहले भी सोनू को 2015 में कोंच के कमसेरा रोड पर खसीस के पास लूट की योजना बनाते तमंचा समेत पकड़ा गया था। जेल से छूटने के बाद 2016 में उसे एक युवती से छेड़खानी की थी। इसका विरोध करने वाले युवती के पिता को उसने बेरहमी से पीटा था, जोकि आज तक विकलांग है। 2017 में रक्षाबंधन के त्योहार पर वह भैंस चोरी करते पकड़ा गया था। अगर पुलिस इन सब मामलों में इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करती तो वह इस हत्या को अंजाम न दे पाता।
परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर
मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर
अमर उजाला ब्यूरो