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छह दिन से लापता युवक का शव तालाब में मिला, हंगामा
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कंचौसी (औरैया)। कानपुर देहात की सीमा स्थित रानेपुर कंचौसी गांव से छह दिन से लापता युवक का शव शुक्रवार को बलरापुर गांव के रेलवे ट्रैक के किनारे तालाब में उतराता मिला। हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लगभग आठ घंटे तक चले हंगामे के बाद सीओ डेरापुर और एसडीएम डेरापुर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के रानेपुर कंचौसी गांव निवासी सूरज प्रसाद का पुत्र लाखन (45) छह दिन से घर से लापता था। परिजनों ने 28 सितंबर को पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। शुक्रवार की सुबह लाखन का शव बलरापुर गांव के रेलवे ट्रैक के किनारे तालाब में उतराता मिला। जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना देने के बाद भी पुलिस ने समय से कार्रवाई नहीं की।
हंगामे की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष चंद्र देव फोर्स के साथ मौके पहुंचे। पुलिस पंचनामा भरकर लोडर से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी, तभी परिजनों ने शव अपने कब्जे में ले लिया और कंचौसी-बलरामपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। मामला बढ़ने की सूचना पाकर सीओ डेरापुर आशाराम पाल और एसडीएम ऋषि राजवंशी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समझाने के बाद भी जाम लगाए लोग नहीं हटे। परिजन हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और जमीन का पट्टा दिलाने की मांग पर अड़े थे।
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वहीं, मृतक की पत्नी गीता देवी ने गांव के ही चार लोगों पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया। लगभग आठ घंटे हंगामा होता रहा। इस बीच अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों ने मौके पर परिजनों को 10 हजार रुपये नगद व कृषक दुर्घटना बीमा के तहत लाभ दिलाने जाने की बात कही है। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। थानाध्यक्ष मंगलपुर ने बताया कि घटना में दो लोगों को संदेह के आधार पर पकड़ा गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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मंगलपुर थाना क्षेत्र के रानेपुर कंचौसी गांव निवासी सूरज प्रसाद का पुत्र लाखन (45) छह दिन से घर से लापता था। परिजनों ने 28 सितंबर को पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। शुक्रवार की सुबह लाखन का शव बलरापुर गांव के रेलवे ट्रैक के किनारे तालाब में उतराता मिला। जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना देने के बाद भी पुलिस ने समय से कार्रवाई नहीं की।
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हंगामे की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष चंद्र देव फोर्स के साथ मौके पहुंचे। पुलिस पंचनामा भरकर लोडर से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी, तभी परिजनों ने शव अपने कब्जे में ले लिया और कंचौसी-बलरामपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। मामला बढ़ने की सूचना पाकर सीओ डेरापुर आशाराम पाल और एसडीएम ऋषि राजवंशी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समझाने के बाद भी जाम लगाए लोग नहीं हटे। परिजन हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और जमीन का पट्टा दिलाने की मांग पर अड़े थे।
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वहीं, मृतक की पत्नी गीता देवी ने गांव के ही चार लोगों पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया। लगभग आठ घंटे हंगामा होता रहा। इस बीच अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों ने मौके पर परिजनों को 10 हजार रुपये नगद व कृषक दुर्घटना बीमा के तहत लाभ दिलाने जाने की बात कही है। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। थानाध्यक्ष मंगलपुर ने बताया कि घटना में दो लोगों को संदेह के आधार पर पकड़ा गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।